who is samar quadri: पिछले एक साल में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में सनसनी मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है. वैभव की इस कामयाबी के पीछे कई लोगों की कड़ी मेहनत छिपी है, लेकिन उन्हें पहचान दिलाने में सबसे बड़ा हाथ पूर्व क्रिकेटर समर कादरी का रहा. दरअसल, यह समर कादरी ही थे, जिन्होंने एक स्थानीय मैच के दौरान वैभव की छिपी हुई प्रतिभा को पहली बार पहचाना और उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने की नींव रखी.
क्यों खास है समर कादरी का रोल
14 साल की उम्र में आईपीएल 2025 की अपनी पहली ही गेंद पर छक्का उड़ाकर सनसनी मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी का तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले एक साल और फिर आईपीएल 2026 में उन्होंने इंटरनेशनल स्तर के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी है. इस सफर में वैभव की अपनी प्रतिभा, पैरेंट्स का सपोर्ट, कोच मनीष ओझा और राजस्थान रॉयल्स के स्टाफ की भूमिका जगजाहिर है. मगर इन सबके बीच पूर्व क्रिकेटर समर कादरी का योगदान भी उतना ही बड़ा है, जिन्होंने शुरुआती दिनों में वैभव के टैलेंट को सही दिशा दी थी.
कौन है समर कादरी
वैभव सूर्यवंशी को दुनिया के सामने लाने वाले समर कादरी खुद घरेलू क्रिकेट के एक बड़े नाम रहे हैं. बिहार के 36 साल के पूर्व लेग स्पिनर समर कादरी पिछले 3-4 सालों से राजस्थान रॉयल्स के लिए बतौर स्काउट काम कर रहे हैं, जहां उनका मुख्य काम छोटे-छोटे शहरों से छिपे हुए हीरों को तलाशना है. समर के क्रिकेट सफर की बात करें तो उन्होंने 2009 में झारखंड की टीम से अपने करियर का आगाज किया था और बाद में वह बिहार क्रिकेट टीम से जुड़ गए. 2009 से 2021 तक फैले अपने करियर में उन्होंने अपनी फिरकी से विरोधियों को खूब छकाया. समर ने 45 फर्स्ट क्लास मैचों में 157 विकेट हासिल किए. वहीं, सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा, जहां उन्होंने 18 लिस्ट-ए मैचों में 19 विकेट और 17 टी20 मैचों में 14 विकेट अपने नाम किए. घरेलू क्रिकेट का यही लंबा अनुभव आज राजस्थान रॉयल्स और वैभव सूर्यवंशी के काम आ रहा है.
RR तक कैसे पहुंचे वैभव सूर्यवंशी
राजस्थान रॉयल्स के स्काउट समर कादरी ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि उन्होंने वैभव सूर्यवंशी के रूप में इस नायाब हीरे को कैसे तलाशा. समर के मुताबिक, जब वैभव 11-12 साल के थे, तब उन्होंने पहली बार इस लड़के का नाम सुना था. पटना के एक स्थानीय मैच में जब वैभव ने करीब 50 गेंदों में सेंचुरी जड़ी. जिसमें समर की गेंदों पर बनाए रन भी शामिल थे, तब कादरी को उनकी असली क्षमता का अंदाजा हुआ. वैभव की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें जल्द ही बिहार रणजी टीम में जगह मिल गई. इसके बाद समर कादरी ने राजस्थान रॉयल्स के डायरेक्टर जुबिन भरूचा के सामने वैभव के नाम की सिफारिश की. जब वैभव को रॉयल्स के ट्रायल्स के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने पहली 3 गेंदों पर लगातार 3 छक्के मारकर वहां मौजूद सिलेक्टर्स को सन्न कर दिया. इसी धमाकेदार परफॉर्मेंस के दम पर उन्हें चुन लिया गया और इसके बाद ऑक्शन से लेकर उनके ऐतिहासिक आईपीएल सफर की कहानी पूरी दुनिया ने देखी.
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