विनेश फोगाट को मिले सिल्वर मेडल, अमेरिकी रेसलर ने की UWW के नियमों में बदलाव की मांग

Vinesh Phogat Disqualification: पेरिस ओलंपिक में बुधवार को भारत को उस समय झटका लगा, जब महिला रेसलर विनेश फोगाट को 50 किग्रा कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाये जाने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया.

Vinesh Phogat Disqualification: विनेश फोगाट के डिस्क्वालिफिकेशन से जहां देश निराश हैं वहीं, अमेरिकी रेसलर ने भारतीय महिला पहलवान को सिल्वर मेडल दिए जाने की मांग कर दी. ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और छह बार के वर्ल्ड चैंपियन जॉर्डन बरोज ने विनेश के लिए सिल्वर मेडल की मांग की और UWW के नियमों में बदलाव की भी मांग कर दी. उन्होंने विवाद के बीच एक्स पर एक पोस्ट किया और लिखा.

UWW के लिए तत्काल नियम में परिवर्तन का प्रस्ताव

  • दूसरे दिन 1 किग्रा वजन तक की छूट मिले
  • वजन-मापन सुबह 8:30 बजे से बढ़ाकर 10:30 बजे कर दिया जाए.
  • भविष्य के फाइनल में अगर विरोधी फाइनलिस्ट वजन कम करने में चूक जाता है तो उसकी हार घोषित हो.
  • सेमीफाइनल में जीत के बाद, दोनों फाइनलिस्ट के पदक सुरक्षित हों. भले ही दूसरे दिन वजन कम करने में चूक हो. स्वर्ण पदक केवल उसी पहलवान को दिया जाना चाहिए जो दूसरे दिन वजन कम करने में कामयाब रहता है.
  • विनेश को रजत पदक दिया जाए.

बजरंग पुनिया ने जॉर्डन के प्रस्ताव का समर्थन किया

भारतीय पहलवान और ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया ने अमेरिकी रेसलर जॉर्डन के प्रस्ताव का समर्थन किया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट जॉर्डन के इस प्रपोजल में दम है. यह तुरंत प्रभाव से लागू हो ताकि पहलवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कीया जा सके.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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