हैदराबाद में 40 डिग्री तापमान पर शुरू होगा हाई वोल्टेज मैच, आमने-सामने होंगे केकेआर और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाड़ी

SRH vs KKR : केकेआर और सनराइजर्स हैदराबाद की टीम जब आमने-सामने होगी, तो मुकाबला रोचक होगा, इसकी पूरी उम्मीद है. आंकड़ों की अगर बात करें, तो केकेआर का पलड़ा भारी नजर आता है,लेकिन वर्तमान प्रदर्शन की बात करें, तो हैदराबाद की टीम केकेआर से बहुत आगे दिख रही है.

SRH vs KKR : आईपीएल में रविवार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद के सामने कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम होगी. इस सीजन में मनमुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के बावजूद, लगातार मिली दो जीत के बाद केकेआर के खिलाड़ी सनराइजर्स को कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं. वहीं प्वाइंट टेबल में नंबर तीन पर मौजूद हैदराबाद की टीम लगातार अपनी छठी जीत सुनिश्चित करना चाहेगी.

इस सीजन में बहुत खराब रहा है केकेआर का प्रदर्शन

केकेआर की टीम आईपीएल के 19वें सीजन में प्वाइंट टेबल में 8वें नंबर पर है. टीम ने अबतक 8 मैच खेले हैं, जिनमें से महज 2 में उसे जीत मिली है. 5 मैच में टीम को हार का सामना करना पड़ा है और एक मैच बिना परिणाम के समाप्त हुआ है. केकेआर के टॉप-थ्री खिलाड़ियों का इस सीजन में सबसे खराब एवरेज रहा है और स्ट्राइक रेट भी बहुत खराब रहा है. सभी बदलावों और कॉम्बिनेशन के बावजूद टीम के ओपनर्स कुछ खास नहीं कर पाए. अजिंक्य रहाणे जो टॉप ऑर्डर में बैटिंग कर रहे हैं वे भी कुछ खास नहीं कर पाए हैं. बावजूद इसके टीम को लगातार मिली दो जीत के बाद टीम का मनोबल ऊंचा है और उम्मीद की जा सकती है कि मुकाबला मनोरंजक होगा.

हैदराबाद के खिलाड़ी अपने लय में हैं

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाड़ी अपने लय में हैं और टीम ने 9 मैच में से 6 जीते हैं और 3 में उसे हार मिली है. उसके बैटर अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और क्लासेन का जलवा सब देख रहे हैं. वहीं ट्रेविस हेड और पैट कमिंस भी टीम का हिस्सा हैं. इस लिहाज से टीम अपने पूरे लय में दिख रही है.

40 डिग्री के तापमान पर दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा मैच

राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम, हैदराबाद में जब मैच शुरू होगा, तो काफी गर्मी होगी. यहां की पिच थोड़ी धीमी है,लेकिन दोनों ही टीम बड़ा स्कोर करना चाहेगी, क्योंकि मीडियम टोटल से जीत सुनिश्चित करना इस सीजन में बहुत मुश्किल दिख रहा है. हैदराबाद की टीम जिस तरह से रन चेज कर रही है, केकेआर के लिए बड़ा स्कोर खड़ा करना एक चुनौती है.

आंकड़ों में केकेआर का पलड़ा भारी

दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकाॅर्ड पर नजर डालें तो कुल 31 मैच दोनों टीमों ने खेले हैं, जिनमें से हैदराबाद ने 11 और केकेआर ने 20 मैच जीते हैं. वहीं अगर हैदराबाद में खेले गए मैचों की बात करें, तब भी केकेआर का पलड़ा भारी नजर आता है. केकेआर ने इस ग्राउंड पर खेले गए कुल सात मैच में से 4 जीते हैं जबकि हैदराबाद ने 3 मैच अपने नाम किए हैं.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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