Sakshi Chaudhary: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 और एशियन गेम्स के लिए साक्षी चौधरी ने अपनी जगह पक्की कर ली है. साक्षी ने शुक्रवार को नेशनल बॉक्सिंग ट्रायल्स के फाइनल में वर्ल्ड चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा को 5-0 से हराकर ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और इस साल के आखिर में जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह बना ली है.
इससे पहले साक्षी ने सेमीफाइनल में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 की गोल्ड मेडलिस्ट निखत जरीन को 51 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में 4-1 से हराया था. वहीं 48 किग्रा वर्ग की मीनाक्षी ने नीतू घंघास को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. जिसके बाद मीनाक्षी 51 किलोग्राम वर्ग में आ गई थीं. वहीं, अस्ताना में 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में 54 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने वाली साक्षी ट्रायल्स के लिए 51 किलोग्राम वर्ग में उतरी थीं.
फाइनल में हारने वाले बॉक्सर को मिलेगा एक और मौका
फाइनल में हारने वाले बॉक्सर का चयन 15 से 20 जून तक चीन के गुइयांग में होने वाले वर्ल्ड बॉक्सिंग कप के लिए किया जाएगा, जबकि विजेता बॉक्सर को हर चार साल में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में डायरेक्ट एंट्री मिलती है.
निखत और जरीन दोनों हुई बाहर
51 किलोग्राम वर्ग में इस बार युवा बॉक्सर देश का प्रतिनिधित्व करेंगी. निखत और नीतू दोनों हारकर बाहर हो चुकी हैं. पिछले महीने मंगोलिया के उलानबटार में हुई एशियन चैंपियनशिप में डायरेक्ट एंट्री हासिल करने में नाकाम रहने के बाद निखत को ट्रायल्स में उतरना पड़ा. वह कॉन्टिनेंटल मीट के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन चीन की वू यू से 0-5 से हार गईं. वू यू मौजूदा ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट हैं.
महिला वर्ग में प्रीत पवार (54 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में होंगे. इसके बाद 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स आयोजित किए जाएंगे.
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