Pakistan Test Team: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड दौरा किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है. लीड्स के बाद लॉर्ड्स में भी टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा. दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान 194 रन से हार गया. इस हार के साथ ही उसके टेस्ट इतिहास में एक ऐसा आंकड़ा दर्ज हो गया, जिसे टीम कभी याद नहीं रखना चाहेगी. पाकिस्तान अब टेस्ट क्रिकेट में जीत से ज्यादा मैच हार चुका है और पहली बार उसकी हार की संख्या जीत से आगे निकल गई है. ऐसे में टीम ने अपनी बेइज्जती का नया रिकॉर्ड बना लिया है.
टेस्ट इतिहास में पहली बार हार जीत से आगे
पाकिस्तान ने 1952 में भारत के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था. तब से अब तक टीम ने 473 टेस्ट मैच खेले हैं. इनमें पाकिस्तान को 153 मुकाबलों में जीत मिली है, जबकि 154 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है. वहीं, 166 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं. लॉर्ड्स में मिली हार के बाद पाकिस्तान की टेस्ट हार की संख्या पहली बार उसकी जीत से आगे निकल गई है. टेस्ट क्रिकेट में इतने लंबे इतिहास के बावजूद टीम के साथ ऐसा पहली बार हुआ है. पाकिस्तान के लिए यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में उसके लगातार गिरते प्रदर्शन को भी दर्शाता है.
घर से बाहर हालात और भी खराब
पाकिस्तान का विदेशी जमीन पर प्रदर्शन भी लगातार चिंता बढ़ा रहा है. घर से बाहर खेले गए अपने पिछले 11 टेस्ट मैचों में टीम को 10 मुकाबलों में हार मिली है. इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भी पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने निराश किया. लॉर्ड्स टेस्ट में 389 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी टीम दूसरी पारी में महज 194 रन पर ऑलआउट हो गई. सबसे बड़ी चिंता यह है कि पाकिस्तान लगातार चौथी पारी में 200 रन के अंदर सिमट गया है. ऐसे में टीम के बल्लेबाजी क्रम और रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
2022 से अब तक सिर्फ 8 टेस्ट जीत पाया पाकिस्तान
2022 से अब तक टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान का प्रदर्शन उसकी गिरती स्थिति को और साफ करता है. इस अवधि में टीम ने 32 टेस्ट मैच खेले हैं और सिर्फ 8 मुकाबले जीते हैं, जबकि उसे 20 मैचों में हार मिली है. चार मुकाबले ड्रॉ रहे. इसी अवधि में बांग्लादेश ने 13 और श्रीलंका ने 12 टेस्ट मैच जीते हैं, जबकि वेस्टइंडीज ने 9 मुकाबले अपने नाम किए हैं. यानी 2022 के बाद टेस्ट जीत के मामले में पाकिस्तान इन तीनों टीमों से भी पीछे है.
| टीम | मैच | जीत | हार | ड्रॉ |
| ऑस्ट्रेलिया | 47 | 30 | 10 | 7 |
| इंग्लैंड | 56 | 29 | 22 | 5 |
| दक्षिण अफ्रीका | 33 | 22 | 9 | 2 |
| भारत | 43 | 21 | 17 | 5 |
| न्यूजीलैंड | 36 | 19 | 14 | 3 |
| बांग्लादेश | 35 | 13 | 20 | 2 |
| श्रीलंका | 32 | 12 | 16 | 4 |
| वेस्टइंडीज | 36 | 9 | 20 | 7 |
| पाकिस्तान | 32 | 8 | 20 | 4 |
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SENA देशों में भी रिकॉर्ड बेहद खराब
पाकिस्तान की सबसे बड़ी परेशानी SENA देशों यानी दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में देखने को मिली है. 2018 से इन देशों में पाकिस्तान ने 18 टेस्ट मैच खेले हैं. इनमें टीम को 16 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है. इससे पता चलता है कि विदेशी परिस्थितियों में पाकिस्तान की मुश्किलें लगातार बढ़ी हैं. लॉर्ड्स में मिली हार ने इस समस्या को और उजागर कर दिया. 389 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बल्लेबाजी क्रम का एक बार फिर बिखर जाना पाकिस्तान के लिए बड़ी चिंता है.
टेस्ट क्रिकेट में वापसी की बड़ी चुनौती
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान की हालत फिलहाल बेहद खराब है. दो टेस्ट मैचों के बाद टीम दोनों मुकाबले गंवा चुकी है. लीड्स में पाकिस्तान को पारी से हार मिली थी, जबकि लॉर्ड्स में 194 रन से शिकस्त का सामना करना पड़ा. लगातार मिल रही हार और बल्लेबाजी की खराब स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान के सामने टेस्ट क्रिकेट में वापसी की बड़ी चुनौती है. टीम को सिर्फ खिलाड़ियों में बदलाव करने के बजाय अपनी बल्लेबाजी, विदेशी परिस्थितियों में रणनीति और टेस्ट क्रिकेट के पूरे ढांचे पर गंभीरता से काम करना होगा.
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