नयी दिल्ली : भारतीय हॉकी टीम के कोच पाल वान ऐस का संक्षिप्त कार्यकाल हाकी इंडिया के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा से कडवी सार्वजनिक बहस के बाद अब समाप्त होना तय है क्योंकि विशेष समिति ने आज उन्हें पद से हटाने की सिफारिश कर दी.
कोच के भविष्य का फैसला करने के लिये गठित की गयी हरविंदर सिंह की अगुवाई वाली नौ सदस्यीय समिति ने सिफारिश की कि वान ऐस को आगे पद पर नहीं रखना चाहिए. वान ऐस ने दावा किया था कि बत्रा के साथ बहस के कारण उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है.
प्रक्रिया के अनुसार हाकी इंडिया अब नीदरलैंड के इस कोच के भारतीय हाकी के साथ भविष्य को लेकर औपचारिक घोषणा करेगा. वान ऐस ने टेरी वाल्श की जगह कोच पद संभाला था. संयोग से वाल्श को भी केवल पांच महीने पहले बत्रा के साथ मतभेदों के कारण हटा दिया गया था. इस नये घटनाक्रम के कारण भारतीय टीम के पास अब रियो डि जनेरियो ओलंपिक से ठीक एक साल पहले कोच नहीं है. भारत ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिये पहले ही क्वालीफाई कर लिया था.
समिति की सिफारिशों ने वान ऐस के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता भी समाप्त कर दी. वान ऐस ने कहा था कि यदि उनके काम में हस्तक्षेप नहीं होता है तो वह वापसी के लिये तैयार हैं. हरविंदर ने कहा, हमने हॉकी इंडिया को अपनी सिफारिश भेज दी है. अब हॉकी इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण को अंतिम फैसला करना है.
