नयी दिल्ली : भारतीय हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद को 25 जुलाई को ब्रिटिश संसद के अंदर हाउस आफ कामन्स एनआरआई संगठन संस्कृति युवा संस्था द्वारा भारत गौरव जीवनपर्यंत पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. ध्यानचंद की तरफ से उनके पुत्र और पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी अशोक कुमार पुरस्कार ग्रहण करेंगे.
अशोक ने कहा, यह पूरे परिवार के लिये गौरव का क्षण है. यह पुरस्कार हमारे के लिये काफी मायने रखता है. इससे दद्दा ध्यानचंद की भारत के बाहर की लोकप्रियता के बारे में पता चलता है. ध्यानचंद ने भारत को लगातार तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाने में मदद की थी. उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 400 से अधिक गोल किये.
ध्यानचंद प्रतिष्ठित भारत रत्न के लिये 2014 के नामितों में शामिल थे; यह पुरस्कार आखिर में क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और वैज्ञानिक सी एन राव को दिया गया. भारत ने 1936 में जब बर्लिन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था तो हिटलर ने ध्यानचंद के सामने जर्मन टीम में शामिल होने की पेशकश की थी लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया था.
