इंग्लैंड प्रीमियर फुटबॉल लीग कमाई के मामले में विश्व के अन्य विदेशी फुटबॉल लीग को पीछे छोड़ दिया है. फुटबॉल फिनांस की वार्षिक समीक्षा में सामने आयी रिपोर्ट के अनुसार 2015-16 में प्रीमियर लीग क्लबों ने मिल कर कुल 35.90 अरब रुपये की कमाई की है, जो पिछले सीजन से अधिक है. पिछले सीजन में क्लबों की आमदनी लगभग 33 अरब रुपये थी.
करीब नौ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इजाफे का कारण भारी भरकम टेलीविजन राइट्स मानी जा रही है. 2017-18 सीजन में करीब 38 अरब रुपये पहुंचने की उम्मीद है. विश्व में दूसरे स्थान पर कमाई के मामले में जर्मनी की बुंदेश लीगा है, लेकिन वह इंगलिश प्रीमियर लीग से काफी पीछे है.
प्रसारण करार से उछाल : सत्र 2013-14 से 2017-18 तक इंगलिश प्रीमियर लीग फुटबॉल की कमाई करीब 30 अरब से लेकर 33.57 अरब तक बढ़ने की उम्मीद है. विज्ञापन से करीब 10 अरब, तो टीवी राइट्स से 15 से 16 अरब रुपये तक कमाई का अनुमान लगाया गया है. अनुमान है कि यह कुल कमाई का 59 फीसदी हिस्सा होगा.
मैच के दिन भी करीब 8 अरब रुपये की आमदनी इंगलिश प्रीमियर लीग के दौरान हो सकती है. यूरोपियन फुटबॉल मार्केट का भी कारोबार बढ़ा है. करीब तीन बिलियन यूरो की बढ़ोतरी देखने को मिली है. 2014-15 में यूरोपियन फुटबॉल मार्केट करीब 16.08 खरब रुपये था, जो बढ़ कर 2015-16 में 18.15 के करीब पहुंच गया है. अगले सत्र में इसके 20 खरब रुपये पार करने की पूरी उम्मीद है.
* खिलाड़ियों का वेतन बढ़ा
यूरोप के टॉप-5 लीग के क्लबों ने वेतन खर्च में भी बढ़ोतरी की. रिपोर्ट के अनुसार सत्र 2015-16 के दौरान करीब 10% की बढ़ोतरी हुई. कुल 60.51 खरब वेतन पर खर्च किये. आमदनी के साथ-साथ क्लबों ने खिलाड़ियों का वेतन भी बढ़ा दिया है. रिपोर्ट के अनुसार पिछले सत्र में करीब वेतन प्रीमियर लीग क्लबों ने तीन बिलियन यूरो यानी 2.21 खरब रुपये खर्च किये.
* ला लीगा दूसरे स्थान पर
स्पेनिश लीग ला लीगा क्लब खिलाड़ियों के वेतन पर खर्च करने के मामले में दूसरे स्थान पर रहा है. करीब 15 फीसकी की बढ़ोतरी हुई है. क्लब ने 14.75 अरब रुपये खर्च किये. जर्मनी तीसरे स्थान पर है.
