Australian Open: नोवाक जोकोविच का ऐतिहासिक कारनामा, ग्रैंड स्लैम में पूरी की 400 जीत, फेडरर की भी बराबरी की

Australian Open: नोवाक जोकोविच रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. शनिवार को उन्होंने एक और बड़ा इतिहास रच दिया है. 38 साल की उम्र में भी जोकोविच का जोश किसी युवा खिलाड़ी से कम नहीं है. ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे दौर में उन्होंने नीदरलैंड के खिलाड़ी बोटिक वान डे जैंडस्चुल्प को हराकर एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जो आज तक कोई टेनिस खिलाड़ी नहीं कर पाया.

Australian Open: इस जीत के साथ ही नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के इतिहास में 400 मैच जीतने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने अपने विरोधी को सीधे सेटों में 6-3, 6-4, 7-6 से मात दी. जोकोविच इस बार अपने करियर का 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के इरादे से आए हैं और जिस तरह का खेल वह दिखा रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि वह इसे हासिल करके ही दम लेंगे.

फेडरर के रिकॉर्ड की बराबरी और अनोखा शतक

इस जीत के साथ जोकोविच ने ऑस्ट्रेलियन ओपन (Australian Open) में अपनी 102वीं जीत दर्ज की. इसके साथ ही उन्होंने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा मैच जीतने के मामले में महान खिलाड़ी रोजर फेडरर (Roger Federer) के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. जोकोविच के नाम अब एक और शानदार रिकॉर्ड जुड़ गया है. वह दुनिया के ऐसे पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने टेनिस के तीनों अलग-अलग कोर्ट (हार्ड कोर्ट, घास और बजरी) पर 100 या उससे ज्यादा मैच जीते हैं. उनके नाम विंबलडन में 102 जीत, फ्रेंच ओपन में 101 जीत और अब ऑस्ट्रेलियन ओपन में 100 से ज्यादा जीत दर्ज हो गई हैं.

मैदान पर फिसले, लेकिन हिम्मत नहीं हारी

मैच के दौरान जोकोविच शुरुआत से ही हावी नजर आए, लेकिन तीसरे सेट में एक समय ऐसा आया जब फैंस की सांसें अटक गई थीं. तीसरे गेम के दौरान जोकोविच कोर्ट पर फिसल गए और गिर पड़े. उन्हें मेडिकल टाइमआउट लेना पड़ा और फिजियो ने उनके दाएं पैर पर टेप लगाया. इसके बाद 12वें गेम में वह सेट हारने की कगार पर थे, लेकिन जोकोविच तो जोकोविच हैं. उन्होंने शानदार वापसी करते हुए खतरा टाला और अपने बेहतरीन फोरहैंड शॉट से मैच का रुख बदल दिया. स्टेडियम में मौजूद दर्शक ‘नोले-नोले’ (जोकोविच का निकनेम) चिल्लाकर उनका हौसला बढ़ा रहे थे.

गर्मी से मिली राहत और पुरानी गलतियों से सीख

जोकोविच इस बात से काफी खुश थे कि उनका मैच रात में था. दरअसल, दिन में भीषण गर्मी के कारण टूर्नामेंट में ‘हीट पॉलिसी’ लागू करनी पड़ी थी और कई खिलाड़ियों को परेशानी हुई थी. मैच के बाद जोकोविच ने कहा कि उनका शरीर अभी अच्छा महसूस कर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल उन्होंने एक बड़ी सीख ली थी. वह पिछले साल जल्दी उत्साहित हो गए थे और चोटिल हो गए थे. इसलिए इस बार वह बहुत आगे की नहीं सोच रहे हैं और संभल कर खेल रहे हैं.

इतिहास रचने से कुछ कदम दूर

नोवाक जोकोविच पहले ही 10 बार ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब अपने नाम कर चुके हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. अब उनकी नजर 25वें ग्रैंड स्लैम पर है. अगर वह इस बार भी कप उठा लेते हैं, तो वह टेनिस इतिहास के सर्वकालिक सबसे सफल खिलाड़ी बन जाएंगे. तीसरे दौर में मिली इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि जोकोविच अभी भी अपनी पूरी फॉर्म में हैं और उन्हें रोकना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान काम नहीं होगा.

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By Aditya Kumar Varshney

आदित्य वार्ष्णेय एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जो वर्तमान में कंटेंट राइटर के रूप में प्रभात खबर के साथ जुड़े हुए हैं. वह पिछले 5 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और स्पोर्ट्स बीट में गहरी पकड़ रखते हैं. आप क्रिकेट, फुटबॉल हॉकी, टेनिस और चेस जैसे खेलों पर लिखना पसंद करते हैं. आप मैच रिपोर्ट, विश्लेषणात्मक लेख, फीचर स्टोरी और एक्सप्लेनर आधारित कंटेंट तैयार करते हैं. आपने प्रभात खबर से पहले भारत समाचार में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (आउटपुट विभाग) के रूप में काम किया है, वहीं स्टार स्पोर्ट्स में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (क्रिकेट, हिंदी फीड) के तौर पर भी काम कर चुके हैं. आपके पास ब्रॉडकास्ट और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म का मजबूत अनुभव है.

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