Jasprit Bumrah injury replacement: श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से गाले में शुरू होने जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है. टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोट के कारण इस टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं. इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच के दौरान उनके बाएं घुटने में दर्द की समस्या सामने आई थी, जो अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई है. ऐसे में भारतीय टीम को उनके विकल्प के तौर पर एक अनुभवी तेज गेंदबाज की तलाश है. बुमराह की गैरमौजूदगी में अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को टीम में शामिल करने की मांग तेज हो गई है. माना जा रहा है कि अगर चयनकर्ता अनुभव और मौजूदा फॉर्म को प्राथमिकता देते हैं तो शमी इस रेस में सबसे आगे हो सकते हैं.
चयनकर्ताओं के सामने अनुभवी विकल्प की चुनौती
अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली भारतीय सीनियर चयन समिति जल्द ही बुमराह के रिप्लेसमेंट का ऐलान कर सकती है. मौजूदा विकल्पों में मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ जैसे तेज गेंदबाज मौजूद हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक दबाव झेलने वाले अनुभवी गेंदबाज की कमी साफ दिखाई दे रही है. मोहम्मद शमी इस कमी को पूरा कर सकते हैं. 35 वर्षीय शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच जून 2023 में खेला था. इसके बाद चोट और फिटनेस संबंधी परेशानियों के चलते वह टीम से बाहर रहे. हालांकि इस दौरान उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत जारी रखी और अपनी फिटनेस के साथ-साथ गेंदबाजी लय भी साबित की.
रणजी ट्रॉफी में शमी ने दिखाया दम
शमी ने बंगाल की ओर से खेलते हुए रणजी ट्रॉफी 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने सात मुकाबलों में 37 विकेट हासिल कर साबित किया कि वह अब भी लाल गेंद क्रिकेट में प्रभावी साबित हो सकते हैं. भारतीय टीम में वापसी के लिए शमी का सबसे बड़ा दावा उनका अनुभव है. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने कई बार मुश्किल परिस्थितियों में टीम को विकेट दिलाए हैं. नई गेंद से स्विंग कराने के अलावा पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने की उनकी क्षमता उन्हें श्रीलंका जैसे दौरे के लिए खास बनाती है.
श्रीलंका की धरती पर शमी का रिकॉर्ड शानदार
श्रीलंका की परिस्थितियां मोहम्मद शमी के लिए हमेशा अनुकूल रही हैं. उन्होंने श्रीलंका में खेले तीन टेस्ट मैचों में 60.5 ओवर गेंदबाजी करते हुए 10 विकेट हासिल किए हैं. इस दौरान उनका औसत करीब 17.7 का रहा है, जो उनके प्रभावी प्रदर्शन को दर्शाता है. 2017 के श्रीलंका दौरे पर अपने आखिरी टेस्ट में शमी ने पांच विकेट लेकर टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. वहां की पिचों पर गेंद पुरानी होने के बाद रिवर्स स्विंग मिलती है और शमी इस कला में माहिर माने जाते हैं.
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की दौड़ में अहम सीरीज
श्रीलंका के खिलाफ यह टेस्ट सीरीज भारत के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ऐसे में टीम मैनेजमेंट किसी ऐसे गेंदबाज को मौका देना चाहेगा जो दबाव में प्रदर्शन कर सके. जहां युवा तेज गेंदबाजों के पास प्रतिभा है, वहीं शमी के पास लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का अनुभव है. वह विदेशी परिस्थितियों में विकेट लेने की क्षमता रखते हैं और बल्लेबाजों पर मानसिक दबाव बनाने में भी माहिर हैं. अब सबकी नजरें भारतीय चयनकर्ताओं पर हैं कि वे बुमराह की जगह युवा विकल्प पर भरोसा करते हैं या फिर रणजी में शानदार प्रदर्शन कर रहे मोहम्मद शमी को एक बार फिर टेस्ट टीम में वापसी का मौका देते हैं.
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