Duleep Trophy 2026: चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने इस मुकाबले को यादगार बना दिया है. साउथ जोन के खिलाफ एमए चिदंबरम स्टेडियम में ईशान ने पहली पारी में 270 रन की शानदार पारी खेली और बुधवार को दूसरी पारी में भी 80 रन बनाए. इस तरह उनके नाम फाइनल में कुल 350 रन हो गए हैं.
ईशान की 270 रन की पारी दलीप ट्रॉफी फाइनल के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है. उनसे आगे सिर्फ रमन लांबा हैं, जिन्होंने 1987-88 के फाइनल में नॉर्थ जोन के लिए 320 रन बनाए थे.
270 के बाद 80 रन, ईशान ने फिर दिखाया दम
पहली पारी में ईशान किशन ने 334 गेंदों पर 270 रन बनाए थे. उनकी इस पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल थे. उनकी पारी की बदौलत ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. इसके बाद दूसरी पारी में भी ईशान का आक्रामक अंदाज जारी रहा. उन्होंने 98 गेंदों पर 80 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल थे. वह शतक से सिर्फ 20 रन दूर रह गए. इस तरह ईशान ने एक ही फाइनल में 270 और 80 रन, यानी कुल 350 रन बनाए.
रमन लांबा का 320 रन अब भी सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर
ईशान की 270 रन की पारी भले ही दलीप ट्रॉफी फाइनल में दूसरी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है, लेकिन रमन लांबा का रिकॉर्ड अभी भी कायम है. 1987-88 के फाइनल में नॉर्थ जोन की ओर से खेलते हुए रमन लांबा ने वेस्ट जोन के खिलाफ 320 रन बनाए थे. वह आज भी दलीप ट्रॉफी में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है.
ईशान 270 रन के साथ उस रिकॉर्ड के करीब जरूर पहुंचे, लेकिन 50 रन से पीछे रह गए. हालांकि दो पारियों में 350 रन बनाकर उन्होंने फाइनल में अपने प्रदर्शन को ऐतिहासिक जरूर बना दिया है.
दलीप ट्रॉफी फाइनल में सबसे बड़ी पारियां
| बल्लेबाज | टीम | रन | साल |
| रमन लांबा | नॉर्थ जोन | 320 | 1987-88 |
| ईशान किशन | ईस्ट जोन | 270(कुल 350 रन) | 2026 |
| यशस्वी जायसवाल | वेस्ट जोन | 265 | 2022 |
| चेतेश्वर पुजारा | इंडिया ब्लू | 256* | 2016 |
| अंशुमान गायकवाड़ | वेस्ट जोन | 216* | 1987 |
| यूसुफ पठान | वेस्ट जोन | 210* | 2010 |
| मंसूर अली खान पटौदी | साउथ जोन | 200 | 1967 |
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शिखर मोहन ने भी दिया ईशान का साथ
दूसरी पारी में ईशान किशन ने सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल नहीं की, बल्कि ईस्ट जोन की स्थिति को भी मजबूत किया. ईशान और शिखर मोहन ने अहम साझेदारी की. मोहन ने दूसरी पारी में भी अर्धशतक लगाया और ईस्ट जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में कप्तान का साथ दिया. ईशान के 80 रन पर आउट होने के बाद भी ईस्ट जोन की बढ़त इतनी बड़ी थी कि साउथ जोन के लिए मुकाबले में वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया.
584 रन की बढ़त, ईस्ट जोन की जीत लगभग तय
साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर खत्म हुई. इसके बाद ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में 212/5 का स्कोर बनाया और चौथे दिन का खेल खत्म होने तक उसकी कुल बढ़त 584 रन हो गई. ईस्ट जोन अब दलीप ट्रॉफी खिताब से सिर्फ एक कदम दूर है. टीम ने आखिरी बार 2012-13 में यह ट्रॉफी जीती थी और 2026 में उसके पास लंबे इंतजार को खत्म करने का शानदार मौका है.
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