IND W vs ENG W: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने स्मृति मंधाना की कप्तानी में इंग्लैंड के खिलाफ पहले T20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 38 रनों की बड़ी जीत दर्ज की है. इस जीत के साथ ही भारत ने 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की मजबूत बढ़त बना ली है. मैच में भारत की जीत की नींव जेमिमा रॉड्रिग्स और यास्तिका भाटिया की जोड़ी ने रखी, जिन्होंने मिडिल ऑर्डर में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 7 साल पुराना एक बड़ा रिकॉर्ड ध्वस्त किया. इसके बाद गेंदबाजी में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही नंदिनी शर्मा ने धारदार गेंदबाजी से मैच का पासा पूरी तरह भारत के पक्ष में पलट दिया.
पावरप्ले में भारत का सबसे बड़ा स्कोर
चेल्म्सफोर्ड में खेले जा रहे पहले T20 मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने पहले ही ओवर में अपनी दोनों सलामी बल्लेबाजों, स्मृति मंधाना (0) और शेफाली वर्मा (2) के विकेट गंवा दिए. इस समय में यास्तिका भाटिया और जेमिमा रॉड्रिग्स ने सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन खेल दिखाया. दोनों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर जवाबी हमला बोलते हुए पहले 6 ओवरों में टीम का स्कोर 2 विकेट पर 73 रन पहुंचा दिया. यह इंग्लैंड के खिलाफ T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पावरप्ले में भारतीय महिला टीम का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है.
तीसरे विकेट के लिए भारत की सबसे बड़ी साझेदारी
शुरुआती झटकों से उबारने के बाद यास्तिका भाटिया और जेमिमा रॉड्रिग्स ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी, जिसके दम पर भारत ने तीसरे विकेट के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया. दोनों ने मिलकर 126 रनों की रिकॉर्डतोड़ साझेदारी की. यह महिला T20I में तीसरे विकेट के लिए भारत की अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है. इससे पहले 20 नवंबर 2019 को जेमिमा ने वेदा कृष्णमूर्ति के साथ मिलकर वेस्टइंडीज के खिलाफ 117 रन जोड़े थे. इस नई साझेदारी की बड़ी बात यह रही कि भारत के दोनों सबसे बड़े तीसरे विकेट के रिकॉर्ड्स में जेमिमा रॉड्रिग्स कॉमन फैक्टर रही हैं.
जेमिमा और यास्तिका के अर्धशतक
जेमिमा रॉड्रिग्स और यास्तिका भाटिया की शानदार पारियों की बदौलत भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले T20I में 7 विकेट पर 188 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया. मैच में जेमिमा बेहद आक्रामक लय में दिखीं, उन्होंने 172.50 की स्ट्राइक रेट से 40 गेंदों में 69 रनों की पारी खेली. वहीं, यास्तिका भाटिया ने एंकर रोल निभाते हुए 40 गेंदों में 54 रन बनाए. इन दोनों के आउट होने के बाद, लोअर-मिडिल ऑर्डर में दीप्ति शर्मा ने मोर्चा संभाला और नंबर 7 पर आकर महज 13 गेंदों में ताबड़तोड़ 22 रन जड़कर टीम को 188 के स्कोर तक पहुँचाया.
भारतीय पेस अटैक के आगे नतमस्तक हुई इंग्लैंड
189 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय आक्रमण के सामने बिखर गई. टीम ने महज 37 रनों के स्कोर पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट खो दिए, जिन्हें भारत की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने आउट किया. इंग्लैंड की ओर से एमी जोंस ने सर्वाधिक 48 गेंदों में 67 रनों की जुझारू पारी खेली. हालांकि, उन्हें बाकी बल्लेबाजों का सहयोग नहीं मिला और टीम की कोई अन्य खिलाड़ी 25 रन की दहलीज भी पार नहीं कर सकी. अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही भारतीय तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने एमी जोंस का महत्वपूर्ण विकेट लिया. इसके बाद निचले क्रम के बल्लेबाज ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं सके और सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए.
जेमिमा बनी इस मैच के हीरो
भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के चलते इंग्लैंड की टीम 189 रनों के लक्ष्य के जवाब में 20 ओवरों में 8 विकेट पर 150 रन ही बना सकी, जिसके परिणामस्वरूप भारत ने यह मुकाबला 38 रनों से जीत लिया. भारत की तरफ से अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा सबसे कामयाब रहीं, उन्होंने 4 ओवर में 34 रन खर्च करके 3 विकेट अपने नाम किए. उनके अलावा क्रांति गौड़ ने 2 विकेट चटकाए, जबकि श्री चरणी और दीप्ति शर्मा को 1-1 सफलता मिली. मैच में 69 रनों की बेहतरीन और रिकॉर्डतोड़ पारी खेलने वाली मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज जेमिमा रॉड्रिग्स को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ दिया गया.
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