जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में बदलाव देखने को मिलेगा. इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और सीनियर सपोर्ट स्टाफ को आराम देने का फैसला किया है. इस सीरीज में संजू सैमसन को भी आराम दिया गया है. ऐसे में आगामी जिम्बाब्वे दौरे और जापान में होने वाले एशियाई खेलों के दौरान वीवीएस लक्ष्मण भारतीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे.
बीसीसीआई के CoE (Centre of Excellence) के प्रमुख लक्ष्मण के साथ बल्लेबाजी कोच रिषिकेश कानिटकर और गेंदबाजी कोच सुनील जोशी भी टीम के सहयोगी स्टाफ का हिस्सा होंगे. भारत को जिम्बाब्वे दौरे पर 23, 25 और 27 जुलाई को हरारे में तीन टी20 मुकाबले खेलने हैं. यह दौरा इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज समाप्त होने के महज चार दिन बाद शुरू हो रहा है, जिसके चलते सीनियर कोचिंग स्टाफ को ब्रेक दिया गया है.
एशियाई खेलों में भी लक्ष्मण के हाथ में होगी कमान
जापान में आयोजित होने वाले एशियाई खेलों के दौरान भी वीवीएस लक्ष्मण भारतीय टीम के साथ रहेंगे. इसी अवधि में भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीमित ओवरों की सीरीज खेलनी है, जहां मुख्य कोच गौतम गंभीर वनडे टीम के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे.
लक्ष्मण के लिए यह भूमिका नई नहीं है. इससे पहले वह 2024 में जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं, जब शुभमन गिल टीम की कप्तानी कर रहे थे. इसके अलावा हांगझोउ एशियाई खेलों में भी उन्होंने भारतीय टीम का मार्गदर्शन किया था, जबकि उस समय राहुल द्रविड़ सीनियर टीम के साथ वनडे विश्व कप अभियान में व्यस्त थे.
कैसा रहा गौतम गंभीर का कार्यकाल?
गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी सफलताएं हासिल की हैं. उनकी कोचिंग में भारत ने 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 का टी20 विश्व कप अपने नाम किया. हालांकि हाल के महीनों में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है.
भारत को पहली बार आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में भी टीम इंडिया को शिकस्त मिली, जबकि पहला मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका था. ऐसे में जिम्बाब्वे दौरा युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका माना जा रहा है.
अब सभी की निगाहें वीवीएस लक्ष्मण और उनके सहयोगी स्टाफ पर होंगी, जो युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण वाली भारतीय टीम को जिम्बाब्वे और एशियाई खेलों में सफलता दिलाने की कोशिश करेंगे.
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