COVID-19 : दुती चंद के लिये यूरोपीय स्पर्धाओं के दरवाजे बंद, ओलंपिक क्वालीफिकेशन पर खतरा

भारत की फर्राटा क्वीन दुती चंद के लिये ओलंपिक का टिकट कटाना मुश्किल हो गया है क्योंकि कोविड 19 महामारी के कारण वह जर्मनी में अभ्यास सह प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले पा रही है.

नयी दिल्ली : भारत की फर्राटा क्वीन दुती चंद के लिये ओलंपिक का टिकट कटाना मुश्किल हो गया है क्योंकि कोविड 19 महामारी के कारण वह जर्मनी में अभ्यास सह प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले पा रही है.

दुती को जर्मनी में दो मार्च से ओलंपिक क्वालीफायर्स में भाग लेना था, लेकिन वीजा और प्रायोजन मिलने के बावजूद वह कोरोना वायरस के कारण नहीं जा सकी. दुती ने पटियाला से कहा, मुझे जर्मनी में दो मार्च से अभ्यास सह प्रतिस्पर्धा में भाग लेना था. मुझे यूरोप में कुछ अच्छी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना था ताकि ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर सकूं लेकिन कोरोना वायरस के कारण मेरी योजनाओं पर पानी फिर गया.

उन्होंने कहा, मैने वीजा और बाकी यात्रा दस्तावेज बना लिये थे और मैं जर्मनी जाने को तैयार थी कि मुझे वहां से संदेश मिला कि कोरोना वायरस के कारण मैं वहां नहीं आऊं. मैं बहुत निराश हूं. यह पूछने पर कि जुलाई अगस्त में तोक्यो में होने वाले ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने का उन्हें कितना यकीन है, उन्होंने कहा , मुझे नहीं पता. मुझे लगता है कि मैं क्वालीफाई नहीं कर सकूंगी. उन्होंने कहा , ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना कठिन है क्योंकि क्वालीफिकेशन मार्क 11.15 सेकंड है. यूरोप में प्रतिस्पर्धा कड़ी होती है जो वहां संभव नहीं है.

टोक्यो ओलंपिक जिम्नास्टिक टेस्ट रद्द

टोक्यो ओलंपिक के आयोजकों ने बुधवार को कहा कि चार और पांच अप्रैल को होने वाला जिम्नास्टिक टेस्ट टूर्नामेंट रद्द कर दिया गया है. आयोजकों ने कहा कि जापान जिम्नास्टिक संघ ने लयबद्ध जिम्नास्ब्टिक ऑल अराउंड विश्व कप रद्द कर दिया है.

कोरोना वायरस महामारी के बावजूद तोक्यो ओलंपिक के आयोजकों और आईओसी ने बार बार कहा है कि ओलंपिक 24 जुलाई से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे लेकिन एक स्थानीय सर्वे में 70 प्रतिशत जापानियों ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि खेल समय पर होंगे. ओलंपिक मशाल शुक्रवार को यूनान से विमान से यहां पहुंचेगी. चार महीने तक चलने वाली मशाल रिले 26 मार्च को शुरू होगी.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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