Devdutt Padikkal: चेतेश्वर पुजारा के भारतीय टेस्ट टीम से जाने के बाद नंबर-3 का स्थान टीम इंडिया के लिए लगातार एक चुनौती बना हुआ है. इस क्रम पर साई सुदर्शन, शुभमन गिल और करुण नायर जैसे बल्लेबाजों को आजमाया गया, लेकिन कोई भी लंबे समय तक अपनी जगह पक्की नहीं कर सका. अब श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की शानदार पारी खेलकर बता दिया है कि क्यों वे नंबर—3 के लिए बेहतर विकल्प हो सकते है.
गॉल में नंबर-3 पर उतरे और छा गए पडिक्कल
साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद पडिक्कल को टीम में जगह मिली और गॉल टेस्ट में उन्हें नंबर-3 की जिम्मेदारी सौंपी गई. यशस्वी जायसवाल के रन आउट होने के बाद जब वह क्रीज पर आए, तब भारतीय पारी को संभालने की जरूरत थी. पडिक्कल ने शुरुआत में धैर्य दिखाया और श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ समय बिताने के बाद अपने शॉट्स खेलने शुरू किए. उन्होंने खास तौर पर स्पिन गेंदबाजों का अच्छी तरह सामना किया. गेंद की लंबाई को जल्दी पढ़ते हुए पडिक्कल ने खराब गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया और धीरे-धीरे अपनी पारी को बड़े स्कोर में बदल दिया.
134 गेंदों में छूआ शतक का आंकड़ा
पडिक्कल ने 134 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया. शतक के बाद भी उन्होंने रन बनाने की रफ्तार कम नहीं की और 150 रन का आंकड़ा पार कर लिया. आखिरकार जयसूर्या की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वह स्टंप आउट हो गए. उनकी 167 रन की पारी ने न सिर्फ भारतीय स्कोर को मजबूती दी, बल्कि यह भी दिखाया कि वह जरूरत के मुताबिक टेस्ट क्रिकेट में संयम और आक्रामकता का संतुलन बना सकते हैं. 70 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी में उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों के बीच रन गति को भी बनाए रखा.
पुजारा के बाद पडिक्कल ने ठोका नं-3 का दावा
पुजारा के दौर में नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मतलब था नई गेंद के बाद क्रीज पर टिकना, लंबी पारी खेलना और विपक्षी गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखना. उनके जाने के बाद भारतीय टीम ने इस भूमिका के लिए कई विकल्प आजमाए, लेकिन स्थायी समाधान नहीं मिल सका. पडिक्कल ने गॉल में जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने टीम मैनेजमेंट के सामने एक मजबूत विकल्प जरूर पेश कर दिया है. खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि नंबर-3 की जिम्मेदारी को समझते हुए पारी को एक छोर से संभाला और फिर श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव भी बनाया.
स्वतंत्रता दिवस पर जड़ा शतक
15 अगस्त को लगाए गए इस शतक ने पडिक्कल को एक खास रिकॉर्ड में भी जगह दिलाई. वह स्वतंत्रता दिवस पर टेस्ट शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने. इससे पहले 15 अगस्त के दिन शतक लगाने वाले भारतीय पुरुष क्रिकेटर विराट कोहली थे, जिन्होंने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मुकाबले में शतक लगाया था. पडिक्कल की इस पारी की एक और खास बात यह रही कि उन्होंने नंबर-3 पर अपनी शुरुआती पारियों में ही शतक जड़ दिया. महज तीन पारियों में इस क्रम पर शतक लगाने के बाद उन्होंने इस भूमिका के लिए अपनी दावेदारी बेहद मजबूत कर दी है.
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