युवराज से लेकर धोनी तक, सौरव गांगुली की कप्तानी में डेब्यू करने वाले 15 खिलाड़ी, देखें लिस्ट

15 Indian Cricketer who Debuted under Sourav Ganguly: 20 जून 1996 को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में डेब्यू करने वाले सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को मैच फिक्सिंग के दौर से बाहर निकालकर उसे आत्मविश्वास और आक्रामकता से भर दिया. उसी लॉर्ड्स बालकनी में शर्ट लहराने वाला उनका अंदाज आज भी भारतीय क्रिकेट का सबसे यादगार क्षणों में से एक है उनकी कप्तानी में भारत ने विदेशों में भी जीतना सीखा और कई दिग्गज खिलाड़ियों को करियर की शुरुआत का मंच मिला.

15 Indian Cricketer who Debuted under Sourav Ganguly: सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में से एक माना जाता है. 8 जुलाई 1972 को जन्मे गांगुली के निडर और प्रेरणादायक नेतृत्व ने भारत को 90 के दशक के अंत में मैच फिक्सिंग कांड के बुरे दौर से उबरने में मदद की और एक नए दौर की शुरुआत की. सन 2000 में उनके नेतृत्व में भारत न केवल अपने घर में, बल्कि विदेशों में भी एक मजबूत टीम बनकर उभरा. सौरव गांगुली ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों में जीत का जज्बा भरा, साथ ही स्लेजिंग करने वाले विदेशी खिलाड़ियों से कैसे भिड़ना है और उनका मुंहतोड़ जवाब देने का तरीका भी सिखाया. गांगुली का वो आइकॉनिक मोमेंट आज भी ताजा हैं, जब उन्होंने 2002 में लॉर्ड्स की बालकनी से शर्टलेस होकर टीशर्ट लहराया था, जहां कैफ और युवराज ने इंग्लैंड के सामने 326 रन चेज कर इतिहास बनाया था. 

अपनी शानदार कप्तानी के अलावा 20 जून 1996 को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में डेब्यू करने वाले प्रिंस ऑफ कोलकाता ने भारतीय क्रिकेट को पूरी तरह बदल दिया. मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट्स खेलने वाले बाएं हाथ के स्टाइलिश बल्लेबाज को राहुल द्रविड़ ने ऑफ साइड का भगवान कहा था, खासतौर पर उनके बैकवर्ड पॉइंट की दिशा में कट शॉट और कवर ड्राइव को देखते हुए. आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज वाले गांगुली ने भारत की कप्तानी 49 टेस्ट और 146 वनडे मैचों में की, जिनमें क्रमश 21 और 76 मुकाबलों में जीत हासिल हुई. 

उनकी मजबूत रणनीतिक सोच के अलावा, उनकी कप्तानी की एक खास बात यह भी थी कि उन्होंने कई युवा प्रतिभाओं को मौका दिया, जो आगे चलकर भारत के बेहतरीन खिलाड़ी बने. युवराज सिंह, आशीष नेहरा, जहीर खान से लेकर आरपी सिंह तक कुल 15 खिलाड़ियों ने दादा की कप्तानी में अपने करियर की शुरुआत की. साथ ही कैप्टन कूल के नाम से मशहूर महेंद्र सिंह धोनी ने भी सौरव गांगुली की कप्तानी में अपने करियर की शुरुआत की. 

गांगुली की कप्तानी में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी

युवराज सिंह-  वनडे, 2000

जहीर खान-   वनडे,  वर्ष 2000

मुरली कार्तिक-   वनडे,  वर्ष 2000

आशीष नेहरा-   टेस्ट,  वर्ष 2001

वीरेंद्र सहवाग-   टेस्ट,  वर्ष 2001

मोहम्मद कैफ-   वनडे,  वर्ष 2002

पार्थिव पटेल-   टेस्ट,  वर्ष 2002

लक्ष्मीपति बालाजी-   वनडे,  वर्ष 2002

गौतम गंभीर-   वनडे,  वर्ष 2003

इरफान पठान-   टेस्ट,  वर्ष 2003

आविष्कार साल्वी-   वनडे,  वर्ष 2003

अमित मिश्रा-   वनडे,  वर्ष 2003

दिनेश कार्तिक-   वनडे, टेस्ट,  वर्ष 2004

महेंद्र सिंह धोनी-   वनडे,  वर्ष 2004

आर. पी. सिंह-   वनडे, 2005

सौरव गांगुली का इंटरनेशनल करियर

अगर बात ‘दादा’ के आकड़ों की करें तो इंटरनेशनल करियर में गांगुली ने 113 टेस्ट मैच खेले हैं, जहां उन्होने 188 पारियों में 42.17 की औसत से 7,212 रन बनाए हैं. जिसमें 16 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं. इसके अलावा सौरव गांगुली ने 311  वनडे मैचों की 300 पारियों में 11,363 रन 41.02 की औसत से बनाए हैं, जिसमें 22 शतक और 72 अर्धशतक उनके नाम हैं. दादा ने नवंबर 2008 में नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच के बाद रिटायरमेंट लिया था. उसके बाद उन्होंने बीसीसीआई में अध्यक्ष का पद भी संभाला. उनके राजनीति से भी जुड़ने की भी खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं, लेकिन उन्होंने इससे साफ मना कर दिया. हाालंकि हाल ही में उन्होंने भारतीय टीम का कोच बनने की इच्छा जरूर जाहिर की थी. 

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