अटल-अडिग विराट कोहली, BCCI की अपील पर भी नहीं मान रहे, क्या लेकर रहेंगे रिटायरमेंट?

Virat Kohli: विराट कोहली का इंग्लैंड दौरे से पहले संन्यास लेने की खबरों ने बीसीसीआई की टेंशन बढ़ा दी है. बोर्ड ने कोहली से इस पर अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की थी, लेकिन विराट अपने डिसीजन पर अड़े हुए हैं.

Virat Kohli: विराट कोहली ने इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का मूड बनाया हुआ है. इसके संबंध में उन्होंने बीसीसीआई को भी बता दिया है. हालांकि बोर्ड ने उन्हें मनाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन विराट हैं कि मान नहीं रहे. यानी विराट अपने फैसले पर अटल हैं. रोहित शर्मा के रिटायर होने के बाद वहीं अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर बच रहे हैं, लेकिन विराट ने अपना मूड बना लिया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक विराट ने बीसीसीआआई का सारी कोशिशों के बावजूद विराट नहीं मान रहे.

विराट ने बीसीसीआई को इंग्लैंड सीरीज से पहले सूचित कर दिया था, जिस पर बीसीसीआई ने उनसे इस पर दोबारा विचार करने को कहा था. इसके लिए किसी हाई प्रोफाइल खिलाड़ी को लगाया गया था, लेकिन विराट ने सेलेक्टर्स की सारी कोशिशों पर पानी-सा फेर दिया है और अपना निर्णय क्लियर कर लिया है. सूत्रों के मुताबिक बीसीसीआई ने विराट से मिडिल ऑर्डर में उनके अनुभव की जरूरत का हवाला दिया था. यह भी कहा गया कि भारत के पास अभी कोई जिम्मेदार बल्लेबाज इस पोजीशन पर नहीं है, ऐसे में उनकी जरूरत पड़ेगी, लेकिन इसके बावजूद विराट अपने रुख पर अड़े हैं. 

इंग्लैड दौरे के लिए चयन की प्रक्रिया अगले हफ्ते से शुरू हो सकती है. इसके लिए बोर्ड ने 35 खिलाड़ियों को शॉर्ट लिस्ट किया था, जिसमें विराट का नाम भी था. रिपोर्ट के मुताबिक कोहली सेलेक्शन की घोषणा होने से पहले ही अपना रिटायरमेंट घोषित कर सकते हैं. 

विराट कोहली का टेस्ट करियर में उतार चढ़ाव

विराट कोहली का टेस्ट करियर कुल मिलाकर बेहद सफल रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनके प्रदर्शन में गिरावट देखी गई है, जिसने उन्हें काफी प्रभावित किया है. अगर उनके करियर के आंकड़ों को दो हिस्सों में बांटकर देखें तो तस्वीर साफ हो जाती है. साल 2020 से पहले कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में 141 पारियों में 54.97 की शानदार औसत से 7202 रन बनाए, जिसमें उनके 27 शतक शामिल थे. वहीं 2020 के बाद से अब तक उन्होंने 69 पारियों में सिर्फ 30.72 की औसत से 2028 रन बनाए हैं और इस दौरान वे केवल 3 शतक ही जड़ सके हैं.

असली समस्या न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में सामने आई. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में विराट कोहली ने 9 पारियों में 8 बार विकेट के पीछे एक ही तरह से अपना विकेट गंवाया. उन्होंने इस दौरे पर 5 मैचों में केवल 190 रन बनाए, जबकि इसमें पर्थ में लगाया उनका एक शतक भी शामिल था. विराट ने एक समय 10000 टेस्ट रन का सपना देखा था, जिससे वे 770 रन दूर हैं. अब देखना है कि विराट इस संन्यास के विषय पर क्या निर्णय लेते हैं. 

ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे पहली ट्रिपल सेंचुरी और 28 की उम्र में संन्यास, दिग्गज खिलाड़ी ने दुनिया को कहा अलविदा

स्मृति मंधाना का ऐतिहासिक शतक, इस रिकॉर्ड पर जमाया कब्जा, श्रीलंका के फाइनल में मचाया तहलका

इंग्लैंड में भारी पड़ेगा विराट का फैसला, नवजोत सिद्धू ने बताया- सही सोच से क्या गलत कर रहे कोहली?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >