सुनील जोशी बने चयन समिति के नये अध्यक्ष, पूर्व गेंदबाज हरविंदर को भी मिली जगह

जोशी ने दक्षिण क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में एमएसके प्रसाद की जगह ली

मुंबई : भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर सुनील जोशी को बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने बुधवार को राष्ट्रीय चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया.

बीसीसीआई ने एक अभूतपूर्व निर्णय में कहा था कि सीएसी एक साल बाद चयन समिति के कार्यों की समीक्षा करेगी और उसी के मुताबिक सुझाव देगी. बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने कहा, सीएसी ने राष्ट्रीय चयन पैनल के अध्यक्ष के रूप में पूर्व स्पिनर सुनील जोशी के नाम की सिफारिश की है. सीएसी एक साल के बाद उनके काम की समीक्षा करेगा और बीसीसीआई को सुझाव देगा.

समिति में मध्य क्षेत्र से गगन खोड़ा की जगह लेने के लिए हरविंदर को चुना गया. चयन समिति में जतिन परांजपे (पश्चिम), शरणदीप सिंह (उत्तर) और देवांग गांधी (पूर्व) पहले से तीन अन्य चयनकर्ता हैं जिनका कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो जायेगा.

मदन लाल ने कहा, हमने इस काम के लिए सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार का चयन किया है. हमने उनका चयन इसलिए किया क्योंकि उनके विचार स्पष्ट थे. जोशी के बारे में उन्होंने कहा, हमें उनका स्पष्ट रवैया अच्छा लगा. वह अनुभवी भी हैं (बांग्लादेश टीम के सहयोगी सदस्य रहे हैं).

इससे पहले सीएसी को इन दो पदों के लिये कुल 40 आवेदन मिले थे जिसमें से जोशी और हरविंदर के अलावा वेंकटेश प्रसाद, राजेश चौहान और लक्ष्मण शिवरामकृष्णन को सीएसी ने साक्षात्कार के लिए बुलाया था. आवेदकों में पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अजित अगरकर और पूर्व विकेटकीपर नयन मोंगिया भी शामिल थे लेकिन वे अंतिम पांच उम्मीदवारों में जगह नहीं बना सके.

जोशी को दक्षिण और हरविंदर को मध्य क्षेत्र से चुने जाने से यह भी पता चलता है कि बोर्ड राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के लिये मौजूदा क्षेत्रीय नीति पर कायम रहा. एमएसके प्रसाद और खोड़ा को 2015 में चयन समिति में जगह मिली थी.

नवंबर में उनका कार्यकाल खत्म हो गया था जिसके बाद इसे बढ़ाया गया था. कर्नाटक के 49 साल के जोशी ने 1996 से 2001 के बीच 15 टेस्ट और 69 वनडे खेले हैं जिसमें उन्होंने क्रमश: 41 और 69 विकेट लिये हैं.

42 साल के हरविंदर ने तीन टेस्ट और 16 एकदिवसीय में भारत का प्रतिनिधित्व किया है जिसमें उन्हें क्रमश: चार और 24 विकेट मिले हैं. मदन लाल ने कहा कि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली सहित दूसरे अधिकारियों ने उम्मीदवारों के चयन के लिए उन्हें पूरी छूट दी थी. उन्होंने कहा, गांगुली ने इस बारे में एक शब्द भी नहीं कहा.

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By Arbindkumar mishra

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