Sourav Ganguly: भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने एक बार फिर ग्रेग चैपल के साथ अपने विवादित रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. गांगुली ने खुलासा किया कि इस साल फरवरी में चैपल ने उन्हें इमरान खान की भलाई के लिए पाकिस्तान सरकार को भेजे जाने वाले एक पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए मैसेज भेजा था, लेकिन उन्होंने उसका जवाब नहीं दिया.
AddaGB Podcast में बातचीत के दौरान गांगुली ने कहा, “हां, उन्होंने मुझे मैसेज भेजा था, लेकिन मैं उन्हें जवाब नहीं देता. मैं उन लोगों को जवाब नहीं देता जो ईमानदार नहीं होते. किसी खिलाड़ी को अच्छा या औसत मानना अलग बात है, लेकिन समस्याओं को गलत तरीके से सुलझाने वाले लोग मुझे पसंद नहीं हैं.”
2005 में शुरू हुआ था विवाद
गांगुली और चैपल के रिश्तों में खटास 2005 में आई थी, जब चैपल भारतीय टीम के मुख्य कोच बने थे. शुरुआत में गांगुली ने उनके चयन का समर्थन किया था, लेकिन बाद में दोनों के बीच गंभीर मतभेद सामने आए. उस समय चैपल ने कथित तौर पर बीसीसीआई को एक ईमेल भेजकर गांगुली की कप्तानी और कार्यशैली पर सवाल उठाए थे. यह ईमेल बाद में मीडिया में लीक हो गया. इसके बाद गांगुली को कप्तानी से हटाया गया और टीम से भी बाहर कर दिया गया था.
KKR कोच बनने की भी थी इच्छा
गांगुली ने यह भी बताया कि 2011 में चैपल ने उन्हें एक और ईमेल भेजा था. उस समय वह कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान थे और चैपल टीम के कोच बनना चाहते थे. गांगुली ने कहा, “उन्होंने 2011 में भी मुझे मेल किया था. वह चाहते थे कि मैं कप्तान रहूं और वह केकेआर के कोच बनें. यह तो कमाल ही हो जाता. शायद उन्हें लगा होगा कि दादा दोबारा भी बेवकूफ बन जाएगा, लेकिन मैं एक बार बेवकूफ बन सकता हूं, दो बार नहीं.” गौरतलब है कि चैपल के इस्तीफे के बाद गैरी कर्स्टन भारतीय टीम के कोच बने और उनके मार्गदर्शन में भारत ने 2011 वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता था.
यह भी पढ़ें: फॉर्म में होने के बावजूद क्यों नहीं मिला मौका? वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू में ये 3 वजहें बनीं रोड़ा
