चाहे जो हो कुछ मत करो… गिल की कप्तानी की डेडलाइन तय, रवि शास्त्री ने BCCI से मांगे इतने दिन

Ravi Shastri on Shubman Gill’s Captaincy: शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में बतौर कप्तान करियर की शुरुआत की, लेकिन भारत को 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. रवि शास्त्री ने गिल का समर्थन करते हुए कहा कि वह भविष्य में बेहतरीन कप्तान बन सकते हैं. उन्होंने बीसीसीआई से अपील की कि गिल को समय दिया जाए ताकि वह नेतृत्व में निखर सकें.

Ravi Shastri on Shubman Gill’s Captaincy: रोहित शर्मा के संन्यास लेने के बाद भारतीय टेस्ट टीम की कमान शुभमन गिल के कंधों पर आई. इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए 18 सदस्यीय टीम इंडिया उनके नेतृत्व में रवाना हुई. हालांकि उनके कैप्टन करियर की शुरुआत अच्छी नहीं रही. पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने भारत को 5 विकेट से हराया. शुभमन गिल की कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत भले ही हार के साथ हुई हो, लेकिन भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि गिल भविष्य में एक शानदार कप्तान बन सकते हैं. उन्होंने बीसीसीआई से गिल को एक नियत समय देने की भी अपील की है.  

रवि शास्त्री ने बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट से अपील की है कि वे शुभमन गिल को लगातार समर्थन दें. उन्होंने कहा कि अगर गिल भारत के टेस्ट कप्तान के रूप में सफल नहीं होते हैं, तो यह निराशाजनक होगा. विजडन से बात करते हुए शास्त्री ने कहा कि समय और अनुभव के साथ गिल इस भूमिका में निखरेंगे. भले ही लीड्स में हार मिली हो, पर शास्त्री का मानना है कि गिल के पास एक अलग ही स्तर की शांति और क्लास है जो उन्हें खास बनाती है. शास्त्री ने कहा, “अगर गिल आगे नहीं बढ़ते हैं तो मुझे बहुत निराशा होगी. उनकी बैटिंग में एक शाही अंदाज है, एक रॉयल एलिगेंस है. अगर वह अनुभव से सीखें और हालात के हिसाब से ढलें, तो मैं उन्हें एक बड़ा नाम बनते देखता हूं.”

गिल को दिए जाएं 1095 दिन- रवि शास्त्री

गिल ने रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में कमान संभाली है और वह एक परिवर्तनकालीन भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. पूर्व कोच शास्त्री ने कहा कि मैदान के बाहर भी गिल में काफी परिपक्वता आई है. उन्होंने कहा, “अब वह मीडिया से जिस तरह बात करते हैं, प्रेस कॉन्फ्रेंस और टॉस के दौरान उनका व्यवहार दिखाता है कि वह काफी मैच्योर हो गए हैं.” उन्होंने चयनकर्ताओं और बीसीसीआई से अनुरोध किया कि गिल को तीन साल तक लगातार मौके दिए जाएं. “चाहे इस सीरीज में कुछ भी हो, बदलाव मत करें. तीन साल तक लगातार उन्हें मौका दें, वह आपको परिणाम देंगे.”

बैटिंग में आत्मविश्वास कायम

हालांकि कप्तानी में गिल की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन बल्ले के साथ उन्होंने आत्मविश्वास कायम रखा. हेडिंग्ले टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने कप्तान के रूप में शानदार शतक लगाया, हालांकि दूसरी पारी में वह प्रभावित नहीं कर सके. हालांकि उनके कुछ ऑन-फील्ड फैसलों पर सवाल उठे हैं. टेस्ट के अंतिम दिन के आखिरी सत्र के दौरान जब इंग्लैंड 371 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहा था, तो कई बार केएल राहुल को फील्ड सजाते हुए देखा गया, जिससे यह संकेत मिला कि गिल निर्णय लेने के लिए सीनियर खिलाड़ियों पर निर्भर थे. उनकी इसी रिएक्शन पर पूर्व क्रिकटर नासिर हुसैन ने कहा था कि उनमें विराट और रोहित वाली बात नहीं, उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि वे सीनियर्स से बात नहीं कर रहे. ऐसे में गिल को अपने इस रवैये में बदलाव करना होगा.

एजबैस्टन में होगा दोहरा दबाव

इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में भारत को पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिससे टीम 0-1 से पिछड़ गई है. अब इस सीरीज का दूसरा मैच 2 जुलाई से एजबैस्टन में खेला जाएगा. यह वही मैदान है जहां 2022 में पिछली बार भारत के 377 रन के जवाब में इंग्लैंड ने अपना सबसे बड़ा चेज का रिकॉर्ड बनाया था. इस मैदान पर भारत ने आज तक 7 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें उसे कभी जीत नहीं मिली है, यह एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे मिटाने का दारोमदार भी गिल पर होगा.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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