क्या पाकिस्तान सेमीफाइनल में दुआओं के भरोसे पहुंचेगा? हार से बौखलाए वसीम अकरम ने लगाई खिलाड़ियों की क्लास

बाबर आजम की टीम ने पांच मैच खेलकर चार अंक हासिल किए हैं, यानी पाकिस्तान ने तीन मैच हारे हैं और दो मैच जीते हैं. पाकिस्तान को अफगानिस्तान के हाथों मिली आठ विकेट की हार से वसीम अकरम खासा नाराज हैं . उन्होंने कहा है कि आखिर अब हम किस तरह सेमीफाइनल खेलेंगे? दुआएं करेंगे, दूसरों की हार का इंतजार करेंगे.

Pakistan vs Afghanistan : विश्वकप के मैच में अफगानिस्तान की टीम से मिली करारी हार के बाद पाकिस्तानी क्रिकेट फैंस में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम अब किस तरह सेमीफाइनल में पहुंचेगी? अभी प्वाइंट टेबल में पाकिस्तान चौथे नंबर है. बाबर आजम की टीम ने पांच मैच खेलकर चार अंक हासिल किए हैं, यानी पाकिस्तान ने तीन मैच हारे हैं और दो मैच जीते हैं. पाकिस्तान को अफगानिस्तान के हाथों मिली आठ विकेट की हार से वसीम अकरम खासा नाराज हैं और उन्होंने यह कहा है कि आखिर अब हम किस तरह सेमीफाइनल खेलेंगे, दुआएं करेंगे और दूसरों की हार का इंतजार करेंगे.

आठ-आठ कढ़ाई खा रहे खिलाड़ी

वसीम अकरम ने एक पाकिस्तानी चैनल के यू-ट्‌यूब चैनल पर कहा कि इतनी खराब प्रदर्शन से हम कैसे जीत सकते हैं. खिलाड़ियों का फिटनेस लेवल इतना खराब है, जिसे देखकर अफसोस लगता है. सारे खिलाड़ी लेथार्जिक लग रहे थे, उनसे फील्डिंग नहीं हो रही थी. वसीम अकरम ने गुस्से में कहा-आज जिस तरह टीम अफगानिस्तान से हारी है, वह शर्मनाक है. 280-90 का स्कोर बड़ा स्कोर होता है. लेकिन हम क्या कर रहे हैं. फील्डिंग हो ही नहीं रही है, वजह साफ है फिटनेस है ही नहीं. वसीम अकरम ने कहा कि मैं रोज चीख रहा हूं कि इनका फिटनेस टेस्ट हो, लेकिन वह नहीं हो रहा है. लड़कों का फिटनेस पर ध्यान नहीं है, उनका मुंह इतना फुल गया है, लगता है आठ-आठ कढ़ाई खा रहे हैं. वसीम अकरम ने गुस्से में कहा कि स्थिति यह है कि पिच गीली, नाक गीली. आप एक प्रोफेशनल क्रिकेटर हैं, अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, लेकिन किसी को कोई चिंता ही नहीं है.

सेमीफाइनल में पहुंचना बहुत कठिन

वसीम अकरम ने कहा कि हम पांच मैच खेल चुके हैं सेमीफाइनल में पहुंचना बहुत कठिन है ,क्योंकि अब हमें चारों मैच जीतने होंगे. हम ये दुआएं करेंगे कि हम चारों मैच जीतेंगे और दूसरे हारेंगे. लेकिन यह समीकरण पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए बहुत आसान नहीं है. अब पाकिस्तान की राह सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए बहुत कठिन हो गई है. एक बड़ा सवाल इस रास्ते के मंजिल तक पहुंचने पर लग गया है.

अफगानिस्तान की हार से पाक में मातम

विश्वकप में पाकिस्तान का अफगानिस्तान के साथ मैच बहुत अहम था और पाकिस्तान को यह उम्मीद भी थी कि वह इस मैच को आसानी से जीत लेगा. पाकिस्तान ने 23 अक्टूबर को खेले गए मैच में टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और सात विकेट के नुकसान पर 282 रन बनाए. अफगानिस्तान ने 283 रन के टारगेट को 49 ओवर में पूरा कर लिया और उसके मात्र दो खिलाड़ी आउट हुए. पाकिस्तान की टीम इस मैच में पूरी तरह लय से बाहर दिखी. उनसे ना तो ठीक से बाॅलिंग हुई और ना ही वे अपनी फील्डिंग से अपने स्कोर को सेफ कर सके. पाकिस्तान की इस हार से फैंस सदमे में हैं और पुराने दिग्गज खिलाड़ी टीम के खिलाड़ियों पर बरस रहे हैं.

सेमीफाइनल में पहुंचने का ये है समीकरण

पाकिस्तान ने विश्वकप में अबतक खेले गए पांच मैच में चार अंक हासिल किए हैं. पाकिस्तान को अभी दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के साथ मैच खेलना है. पाकिस्तान के लिए दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के साथ मैच जीतना बहुत ही कठिन टास्क होगा, क्योंकि ये दोनों ही टीम शानदार क्रिकेट खेल रही हैं. 27 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका और चार नवंबर को न्यूजीलैंड के साथ मैच होना है. पाकिस्तान 31 अक्टूबर को बांग्लादेश के साथ और 11 नवंबर को इंग्लैंड के साथ मैच खेलेगा. ये दोनों मैच भी पाकिस्तान के लिए अब आसान नहीं रहे, क्योंकि लगातार हार से पाकिस्तानी टीम का मनोबल टूटा है.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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