Marnus Labuschagne: लाबुशेन ने जिस बल्ले से करोड़ों भारतीयों का तोड़ा था दिल, उसे कर दिया रिटायर

Marnus Labuschagne: आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल को शायद ही कोई भारतीय भूल सकता है. ऑस्ट्रेलिया ने करोड़ों भारतीयों का दिल तोड़कर ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया था. आज एक बार फिर से ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने उस जख्म को ताजा कर दिया.

Marnus Labuschagne: ऑस्ट्रेलिया के स्टार खिलाड़ी मार्नस लाबुशेन ने 2023 विश्व कप फाइनल में जिस बल्ले से करोड़ों भारतीय का दिल तोड़ा था, उस बल्ले को रिटायर कर दिया. लाबुशेन ने भारत के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में शानदार 58 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली थी.

Marnus Labuschagne: बल्ले को रिटायर करने का समय आ गया

लाबुशेन ने सोशल मीडिया पर अपने बल्ले की तस्वीर साझा की. तस्वीर में बल्ला टूटा-फूटा हुआ दिख रहा है. बल्ले की एक परत निकला हुआ नजर आ रहा है. दरअसल फाइनल मुकाबले में जब लाबुशेन बल्लेबाजी कर रहे थे, उसी समय बल्ले की हालत खराब हो चुकी थी. लाबुशेन ने बल्ले की तस्वीर साझा करते हुए इंस्टाग्राम पर लिखा, मुझे लगता है कि विश्व कप फाइनल के बल्ले को रिटायर करने का समय आ गया है.

ट्रैविस हेड के शतक और लाबुशेन की अर्धशतकीय पारी से भारत को मिली थी करारी हार

19 नवंबर 2023 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया था. भारत बिना एक भी मैच गंवाये फाइनल में पहुंचा था, जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम हारते-जीतते फाइनल में पहुंची थी. लेकिन उस दिन जो हुआ, उससे करोड़ों भारतीयों का दिल टूट गया. ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया. कंगारुओं ने भारत को केवल 240 रन पर ही रोक दिया था. पूरी भारतीय टीम 50 ओवर में 240 रन बनाकर ऑल आउट हो गई. कप्तान रोहित शर्मा 47, विराट कोहली 54 और केएल राहुल ने 66 रनों की पारी खेली थी. जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने केवल 43 ओवर में ही 4 विकेट खोकर 241 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया और वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया. जैसे ही फाइनल में भारत को हार मिली, अहमदाबाद में मौजूद लाखों की भीड़ में सन्नाटा छा गया था. खेल प्रेमी में मायूसी छा गई थी. भारतीय खिलाड़ियों के चेहरे पर ट्रॉफी न जीत पाने का गम साफ झलक रहा था. भारी मन और नम आंखों के साथ रोहित सेना पवेलियन लौटी थी. उस दिन को शायद ही कभी कोई भारतीय भूल सकता है.

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गोल्ड नहीं तो सिल्वर ही सही

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By Arbindkumar mishra

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अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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