Virat Kohli: विराट कोहली ने पिछले साल अपने पसंदीदा फॉर्मेट टेस्ट से संन्यास ले लिया था, जिससे कई प्रशंसक और क्रिकेट विशेषज्ञ हैरान रह गए थे. हालांकि, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और वनडे में उनके हालिया प्रदर्शन के बाद फैंस ने उनसे संन्यास पर पुनर्विचार करने और एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट में लौटने की मांग की है. शनिवार को आईपीएल 2026 के ओपनर मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ कोहली शानदार फॉर्म में दिखे और उन्होंने नाबाद 69 रन बनाकर अपनी टीम को 202 रनों के लक्ष्य का आसानी से पीछा करने में मदद की. इससे पहले कोहली दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार फॉर्म में दिखे और उन्होंने आसानी से शतक बनाए.
कोहली की दो टूक- केवल वनडे खेलूंगा
उस समय ही कोहली ने स्पष्ट कर दिया था कि उनका टेस्ट क्रिकेट में वापसी का कोई इरादा नहीं है और वह भारतीय टीम के लिए सिर्फ 50 ओवर का फॉर्मेट ही खेलते रहेंगे. हालांकि, आरसीबी और एसआरएच के बीच आईपीएल 2026 का मुकाबला समाप्त होने के बाद, पूर्व भारतीय बल्लेबाज अंबाती रायडू ने एक बार फिर कोहली से टेस्ट संन्यास से वापसी करने का आग्रह किया. इतना ही नहीं, उन्होंने बीसीसीआई से कोहली को कप्तानी सौंपने की भी अपील की ताकि उनमें प्रेरणा और जोश का संचार हो सके.
अंबाती रायडू ने बीसीसीआई से की अपील
रायडू ने ईएसपीएनक्रिकइंफो के ‘टाइम आउट’ शो में कहा, ‘मुझे लगता है कि आईपीएल में कोहली का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अभी आना बाकी है. हमने जो देखा है वह तो बस एक झलक है. फिटनेस उनके लिए कभी कोई समस्या नहीं रही. मुझे नहीं लगता कि उन्हें कभी अपनी शारीरिक फिटनेस, गेंद पर देर से पहुंचने या फील्डिंग में धीमे पड़ने जैसी कोई परेशानी होगी. केवल एक चीज जो उन्हें पीछे धकेल सकती है, वह है उनकी मानसिक स्थिति. मुझे नहीं लगता कि उनका करियर खत्म होने वाला है. मुझे अभी भी उनमें पांच से छह साल का अच्छा खेल नजर आता है.’
BGT में खराब प्रदर्शन के बाद कोहली ने लिया संन्यास
उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट में वापसी करनी चाहिए. उम्मीद है, कप्तान के तौर पर. कम से कम मैंने तो भारतीय क्रिकेट में उन्हें सर्वश्रेष्ठ लाल गेंद के कप्तान के रूप में देखा है. जिस तरह से वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, मुझे लगता है कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा नुकसान है.’ कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में 30 शतक और 31 अर्धशतकों सहित 9230 रन बनाकर अपने टेस्ट करियर को अलविदा कह दिया. वे 10000 रन के आंकड़े से 770 रन पीछे रह गए. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया. पहले टेस्ट में शतक लगाने के बाद कोहली का प्रदर्शन लगातार गिरता चला गया.
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