मेहनत का पैसा भी डकार गया पाकिस्तान, PCB पर अब कोच ने ठोका मुकदमा, जानें क्या है पूरा मामला

PCB- Jason Gillespie Payment Row: पाकिस्तान और उसके पूर्व कोच जैसन गिलेस्पी के बीच का विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है. गिलेस्पी ने बकाया वेतन और बोनस को लेकर PCB पर भुगतान न करने का आरोप लगाया है. PCB ने आरोपों से इनकार किया है, लेकिन गिलेस्पी अब इस मामले को कोर्ट तक ले जाने की तैयारी में हैं.

PCB- Jason Gillespie Payment Row: पाकिस्तान और उसके कोच का विवाद, हटने के बाद भी नहीं थम रहा है. पहले गैरी कस्टर्न और उसके बाद जैसन गिलेस्पी के साथ मामला गर्माया. हालांकि गिलेस्पी ने विवाद के बाद पिछले साल पाकिस्तान के दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले इस्तीफा दे दिया था. लेकिन पाकिस्तान तो पाकिस्तान ही ठहरा, उसने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज और कोच के बकाया पैसे का भुगतान नहीं किया. गिलेस्पी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी साझा की, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान मीडिया को दिए इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा कि PCB ने अब तक उनका कुछ भुगतान नहीं किया है. हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि वे इस पर आवश्यक कार्यवाही कर चुके हैं, लेकिन अब सूचना आ रही है कि गिलेस्पी अपने वित्तीय मामले में कानूनी प्रक्रिया की ओर बढ़ रहे हैं. 

अप्रैल 2024 में PCB ने गिलेस्पी और दक्षिण अफ्रीका के गैरी कर्स्टन को क्रमशः रेड बॉल और व्हाइट बॉल टीम का हेड कोच नियुक्त किया था, दोनों के दो साल के अनुबंध थे. जेसन गिलेस्पी दिसंबर 2024 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के रेड-बॉल हेड कोच के पद से इस्तीफा देने के बाद पद से हटे थे, अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं. पाकिस्तान की ट्रिब्यून समाचार वेबसाइट की एक रिपोर्ट के अनुसार, गिलेस्पी का कहना है कि PCB ने न केवल उनका वेतन, बल्कि इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज जीत पर मिलने वाला बोनस भी नहीं दिया.

जैसन गिलेस्पी पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान के साथ. इमेज- पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एक्स)

गिलेस्पी ने यह मामला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के पास भी भेजा है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ICC को इस विवाद में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार है या नहीं. PCB ने पाकिस्तान क्रिकेट में नए युग की शुरुआत का वादा किया था, लेकिन छह महीने के भीतर ही दोनों को इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि PCB ने उन्हें दी गई कई अहम शक्तियां वापस ले ली थीं, जिनमें चयन समिति में उनकी भूमिका भी शामिल थी. यह पहली बार है जब दोनों कोचों ने PCB के साथ वित्तीय मामलों पर सार्वजनिक रूप से बात की है.

कथित तौर पर उनके इस्तीफे से महीनों पहले ही रिश्ते में दरार आ गई थी. अक्टूबर 2024 में, गिलेस्पी को चयन पैनल से हटा दिया गया और कहा गया कि उनकी भूमिका को “मैच के दिन रणनीतिकार” तक सीमित कर दिया गया है. उन्हें नवंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर पाकिस्तान के कोच के रूप में नहीं चुना गया था, उनकी जगह आकिब जावेद को अंतरिम कोच बनाया गया था. इस विवाद के बाद पहली बार गिलेस्पी ने लिखा, “मैं अब भी PCB से कुछ भुगतान का इंतजार कर रहा हूं.” एक अन्य स्टोरी में उन्होंने कहा, “गैरी कर्स्टन और मुझे एक टीम बनाने का सपना दिखाया गया था, लेकिन एक मैच हारने के बाद सबकुछ बदल गया.” हालांकि, PCB ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है.

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने बयान में कहा, “पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अपने पूर्व हेड कोच द्वारा बकाया भुगतान को लेकर लगाए गए दावों को पूरी तरह खारिज करता है.” बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा, “पूर्व कोच ने अनुबंध की स्पष्ट शर्तों का उल्लंघन करते हुए बिना चार महीने का नोटिस दिए पद छोड़ दिया. अनुबंध में यह शर्त दोनों पक्षों के लिए समान रूप से लागू थी और कोच इस बात से पूरी तरह अवगत थे.” हालांकि बोर्ड ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि वह मुआवजा मांगेगा या नहीं, अधिकारियों ने संकेत दिया है कि कानूनी विकल्प खुले हैं. पीसीबी अधिकारियों का कहना है कि गिलेस्पी को कोई बकाया भुगतान नहीं दिया जाना है.

शानदार कप्तानी, LSG को हराने की रणनीति, अक्षर पटेल ने सब कर दिया बयां, बस इससे हैं परेशान…

केएल राहुल ने बनाया IPL का महारिकॉर्ड, विराट और वार्नर को पीछे कर मचाया तहलका

LSG मालिक पर निशाना! धुआंधार पारी के बाद केएल राहुल का पोस्ट, आंधी की तरह वायरल हुआ कमेंट

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >