Jai Moondra Story: भारत के खिलाफ बेलफास्ट टी20 में आयरलैंड की जीत के सबसे बड़े नायकों में शामिल रहे जय मूंदड़ा की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. राजस्थान के टोंक में जन्मे मूंदड़ा ने क्रिकेट की शुरुआती ट्रेनिंग भारत में ही ली. उन्होंने इम्तियाज अली और बाद में एसएस क्रिकेट क्लब के कोच मोहन सर के मार्गदर्शन में अपने खेल को निखारा और धीरे-धीरे अपनी पहचान तेज गेंदबाज के रूप में बनाई. हालांकि, आयरलैंड के लिए खेलने से पहले जय की नौकरी छूट गई और वीजा पर संकट मंडराने लगा. लेकिन जय ने हार नहीं मानी और राष्ट्रीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया.
कोविड के बाद लिया बड़ा फैसला
कोरोना महामारी के दौरान क्रिकेट गतिविधियां लगभग ठप हो गई थीं. ऐसे में जय मूंदड़ा ने अपने करियर और पढ़ाई दोनों को आगे बढ़ाने के लिए 2021 में आयरलैंड का रुख किया. वहां उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में मास्टर्स की पढ़ाई शुरू की, लेकिन क्रिकेट का सपना कभी नहीं छोड़ा. जय ने बाद में बताया कि आयरलैंड में बेहतर सुविधाएं, शानदार मैदान और क्रिकेट के लिए अनुकूल माहौल मिला, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी.
क्लब क्रिकेट से खुला राष्ट्रीय टीम का दरवाजा
आयरलैंड पहुंचने के बाद जय मूंदड़ा ने डबलिन के लीनस्टर क्रिकेट क्लब से खेलना शुरू किया. लगातार अच्छे प्रदर्शन की बदौलत वह क्लब के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हो गए. 2023 में लीनस्टर की आयरिश सीनियर कप जीत में भी उनका अहम योगदान रहा. इसके बाद उन्होंने लीनस्टर लाइटनिंग के लिए घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावित किया. चयनकर्ताओं की नजर उन पर पड़ी और जब तेज गेंदबाज जोश लिटिल चोटिल हुए तो जय को राष्ट्रीय टीम में मौका मिल गया.
नौकरी गई, वीजा पर भी बना हुआ था संकट
जय मूंदड़ा की कहानी सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं है. भारत के खिलाफ डेब्यू से कुछ दिन पहले ही उनकी नौकरी चली गई. वह आयरलैंड क्रिकेट के केंद्रीय अनुबंध का हिस्सा भी नहीं थे और उनका वीजा रोजगार से जुड़ा हुआ था. ऐसे में भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी. हालांकि इन मुश्किल हालातों के बावजूद जय ने अपना फोकस क्रिकेट पर बनाए रखा. यही वजह रही कि व्यक्तिगत चुनौतियों के बीच भी उनका प्रदर्शन प्रभावित नहीं हुआ.
भारत के खिलाफ पहली ही गेंद पर लिया विकेट
बेलफास्ट में भारत के खिलाफ डेब्यू करते हुए जय मूंदड़ा ने अपने करियर की यादगार शुरुआत की. उन्हें नई गेंद सौंपी गई और उन्होंने पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को बोल्ड कर दिया. 139 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आई गेंद अंदर की ओर मुड़ी और स्टंप्स बिखेर गई. इसके बाद भी उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. जय ने अपने चार ओवर के स्पेल में सिर्फ 25 रन देकर दो अहम विकेट झटके और आयरलैंड की जीत की नींव रखी.
आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत के बने नायक
भारत के खिलाफ यह आयरलैंड की पहली अंतरराष्ट्रीय जीत थी. चोटों के कारण कई प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में मेजबान टीम से ज्यादा उम्मीदें नहीं थीं, लेकिन जय मूंदड़ा और मैथ्यू हॉलार्ड जैसे डेब्यू खिलाड़ियों ने मैच का रुख बदल दिया. जय की अनुशासित गेंदबाजी ने भारत को दबाव में रखा, जिसके चलते आयरलैंड ने 34 रन से यादगार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया.
‘मैंने सिर्फ प्रदर्शन पर ध्यान दिया’
मैच के बाद जय मूंदड़ा ने कहा कि भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है. उन्होंने बताया कि उन्होंने हमेशा सिर्फ अपने प्रदर्शन पर ध्यान दिया और बाकी चीजों को समय पर छोड़ दिया. राजस्थान के टोंक से निकलकर आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने वाले जय मूंदड़ा अब हजारों युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं.
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