IPL 2025: सूर्यकुमार जैसे बल्लेबाज गिरेंगे, ऑलराउंडर को होगा नुकसान, कोच ने इन नियमों को ठहराया जिम्मेदार

IPL 2025: बीसीसीआई ने गुरुवार को अपने नियमों में बदलाव करने के लिए कप्तानों की बैठक आयोजित की. इस बैठक के दौरान इंपैक्ट प्लेयर रूल को बरकरार रखने का फैसला किया गया, लेकिन इस दौरान एक नियम की वापसी हुई, जिससे गेंदबाजों की बल्ले-बल्ले हो सकती है.

IPL 2025 में गेंदबाजों को गेंद पर लार का इस्तेमाल करने की अनुमति देने का फैसला लिया गया. गुरुवार को मुंबई में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) मुख्यालय में हुई बैठक में इंपैक्ट प्लेयर रूल को भी बरकरार रखा गया है. टूर्नामेंट अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान अधिकांश फ्रैंचाइज कप्तानों ने इस बदलाव के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया. इस मामले पर बोलते हुए, मुंबई के अनुभवी क्रिकेट प्रशिक्षक ज्वाला सिंह ने कहा कि लार के इस्तेमाल से धुरंधर बल्लेबाज संघर्ष करते हुए दिखाई दे सकते हैं. उन्होंने इंपैक्ट प्लेयर नियम पर भी बात करते हुए कहा कि इससे ऑलराउंडर प्रभावित होते हैं. उनके अलावा अतुल वासन ने भी रिवर्स स्विंग के मैकेनिज्म पर बात करते हुए कहा कि वह गेंद के वजन से प्रभावित होती है. 

यशस्वी जायसवाल के कोच ज्वाला सिंह (Jwala Singh) ने लार के इस्तेमाल की बहाली और इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि रिवर्स स्विंग से बल्लेबाजों के लिए बड़े शॉट खेलना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने कहा, “अगर गेंदबाजी स्विंग को रोककर रखेगी, तो बल्लेबाजों के लिए बड़े शॉट लगाना मुश्किल होगा. आप सूर्यकुमार यादव और एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ियों को यॉर्कर पर गिरते और बड़े शॉट खेलते समय संघर्ष करते हुए देखेंगे. अगर गेंदबाज बल्लेबाज को रिवर्स स्विंग करा सकते हैं, तो वे शॉट खेलने में देरी करेंगे, जिससे उन्हें बड़े शॉट खेलने में हिचकिचाहट होगी.” Saliva ban lifted in IPL 2025.

आईपीएल 2023 में पेश किया गया बहुचर्चित इम्पैक्ट प्लेयर नियम (Impact Player Rule in IPL 2025) टूर्नामेंट का हिस्सा बना रहेगा. नियम टीमों को मैच के दौरान एक खिलाड़ी को बदलने की अनुमति देता है, जिससे खेल में एक रणनीतिक तत्व जुड़ जाता है.  ज्वाला सिंह ने कार्यक्रम के दौरान आगे कहा, “मेरी राय में, ऑलराउंडर के लिए इम्पैक्ट प्लेयर नियम अनुचित है क्योंकि टीमें बल्लेबाजों को ज्यादातर इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में चुनती हैं, लेकिन मनोरंजन के लिए. मेरा प्रस्ताव है कि यह अच्छा है.” 

पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन ने भी कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 में लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध हटाने के फैसले से गेंदबाजों को डेथ ओवरों में रिवर्स स्विंग बनाने में मदद मिलेगी. इससे बल्लेबाजों के लिए चुनौतियां पैदा होंगी. उन्होंने कहा कि गेंदबाजों से इसका पूरा फायदा उठाना चाहिए. ईएसपीएनक्रिकइन्फो से बात करते हुए वासन ने कहा, “गेंद पर वजन इसे रिजर्व स्विंग बनाता है. पसीने से, गेंद भारी नहीं होती है. जब यह भारी हो जाती है, तो यह अपनी स्विंग को उलट देती है. अगर गेंदबाज गेंद को रिजर्व रख सकता है, तो उनके पास एक फायदा है और उन्हें इसका इस्तेमाल करना चाहिए.”

उन्होंने इम्पैक्ट प्लेयर नियम के बारे में भी बात की, जो टीमों को मैच के दौरान एक स्थानापन्न खिलाड़ी लाने की अनुमति देता है. वासन के अनुसार, यह नियम खेल के रोमांच को बढ़ाता है. “इम्पैक्ट प्लेयर नियम में, आपके पास 12 खिलाड़ी होते हैं. कभी-कभी, आप पाँच विकेट खो देते हैं, लेकिन इस नियम से आपको खेल में वापसी का मौका मिल सकता है. करीबी मैचों और मनोरंजन के लिए, यह अच्छा है.” अतुल वासन ने एक कार्यक्रम में कहा.

आईपीएल का रंगारंग आगाज 22 मार्च से कोलकाता में होगा. पहले मैच में पिछले बार की चैंपियन केकेआर और आरसीबी के बीच मुकाबला खेला जाएगा. ईडन गार्डंस मैदान पर दोनों टीमें अपने नए नवेले कप्तान के साथ मैदान में उतरेंगी. जहां KKR की कमान अजिंक्य रहाणे के हाथ में होगी तो वहीं RCB को रजत पाटीदार लीड करते हुए दिखाई देंगे. यह मुकाबला रात 7.30 बजे से शुरू होगा. 

इसे भी पढ़ें: बल्लेबाजों की बढ़ गई दिल की धड़कन, अब दूसरी इनिंग में दो गेंद का इस्तेमाल करेंगे गेंदबाज

इसे भी पढ़ें: खुद ही अपनी पीठ थपथपा रहा पाकिस्तान, चैंपियंस ट्रॉफी से इतनी हुई कमाई कि बन गया तीसरा सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >