IND vs AUS: कोहली से सीखो और अपना रास्ता ढूंढो, ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज को पोंटिंग ऐसा क्यों कह रहे हैं

IND vs AUS: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मैच हारने के बाद रिकी पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन को कोहली से सीखने की सलाह दी है. उन्होंने विकेट पर रुकने और गेंदों को छोड़ने पर भी ध्यान देने की सलाह दी है.

IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज से संकट से बाहर निकलने का ‘अपना रास्ता खुद ढूंढने’ का आग्रह किया. पोंटिंग ने ताजा आईसीसी समीक्षा में बात करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि चैंपियन खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना होगा. वे इस टीम में जिन लोगों के बारे में बात कर रहे हैं उनमें से कई चैंपियन खिलाड़ी रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज पर्थ टेस्ट में ज्यादा सफल नहीं रहे. पहली पारी में केवल 104 रन पर ऑलआउट होने वाली ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के कारण वह यह मैच 295 रन से हार गया. 

मार्नस को ढूंढना होगा तरीका

आईसीसी हॉल ऑफ फेम रिकी पोंटिंग ने मार्नस लाबुशेन पर खासा निशाना रखा. उन्होंने कहा कि मार्नस को अपना फॉर्म वापस पाने के लिए अपना दृष्टिकोण बदलना पड़ेगा. पर्थ के खिलाफ पहले टेस्ट में मार्नस केवल 2 और 3 रन ही बना पाए. पहली पारी में उन्होंने 52 गेंद में केवल 2 रन बनाए थे. लाबुशेन ने 2021-23 WTC चक्र में तीसरे सबसे अधिक रन स्कोर किया था. लेकिन दाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूदा चक्र में 13 टेस्ट में सिर्फ 658 रन ही बना पाए हैं. इस साल शुरुआत में पाकिस्तान के खिलाफ दो अर्द्धशतकों के साथ पांच टेस्ट मैचों में 13.66 औसत से 245 रन बना पाए हैं. पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलिया के “चैंपियन” खिलाड़ी का समर्थन किया. पोंटिंग ने कहा, “मैंने पिछले दिनों कहीं पढ़ा था कि जनवरी (पाकिस्तान सीरीज के बाद) से टेस्ट में मार्नस का औसत 13 का है. इसलिए उसे वास्तव में इसे बदलने का एक तरीका ढूंढना होगा.” 

कोहली के जज्बे से सीखो

पोंटिंग ने पर्थ में दूसरी पारी में विराट कोहली की गेम चेंजिंग पारी का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कोहली ने लंबे समय से चले आ रहे शतक के सूखे को तोड़ा. उन्होंने जुलाई 2023 के बाद से अपना पहला टेस्ट शतक बनाया, और पांच साल में तीसरा. विराट ने दूसरी पारी में नाबाद 100 रन बनाए थे. पोंटिंग ने कहा, “पहली पारी में, वह विपक्षी गेंदबाजों का मुकाबला करने की कोशिश में बहुत चिंतित हो गए और अपनी नैचुरल शैली से दूर हो गए. उन्होंने दूसरी पारी में अपनी शैली ढूंढ ली और शतक जमाया.”

रन बनाने के बारे में सोचें, विकेट पर टिकना काफी नहीं

भारत के गेंदबाजों ने पर्थ में शानदार गेंदबाजी की. बुमराह ने पहली पारी में 5 विकेट लेकर कंगारू दल को टिकने का मौका ही नहीं दिया. पोंटिंग ने  कहा, “हां, यह उच्च गुणवत्ता वाली गेंदबाजी थी, बल्लेबाजी के लिए कठिन विकेट था. लेकिन जब आप एक बल्लेबाज के रूप में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों का सामना कर रहे हों, तो आपको अधिक जोखिम लेना होगा.” पोंटिंग ने लाबुशेन सहित ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों से आग्रह किया कि वे आगामी टेस्ट में टिके रहने के बजाय रन बनाने पर ध्यान केंद्रित करें. उन्हें गेंदों को छोड़ने पर भी ध्यान देना चाहिए. पहले रन बनाने के बारे में सोचें. आउट होने के बारे में नहीं. इसे बदलने का केवल एक ही तरीका है, वह है सकारात्मक रहना और अच्छा इरादा दिखाना.

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में चार टेस्ट होने शेष हैं. पहला टेस्ट जीतने के बाद टीम इंडिया 1-0 से आगे है. दूसरा टेस्ट 6 दिसंबर से एडिलेड में खेला जाएगा. गुलाबी गेंद से होने वाले इस टेस्ट में कप्तान रोहित शर्मा की वापसी होगी. रोहित के साथ चोटिल शुभमन गिल भी चुस्त दुरुस्त दिखाई दे रहे हैं. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एकादश के खिलाफ अभ्यास टेस्ट में गिल बल्लेबाजी करते नजर आए.

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By Anant narayan shukla

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