छोटे देशों का भविष्य खतरे में! ग्रीम स्मिथ ने दो-स्तरीय टेस्ट क्रिकेट प्रणाली पर उठाए सवाल

Graeme Smith: आईसीसी के टेस्ट क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने के लिए टू टियर सिस्टम लाने के प्लान पर ग्रीम स्मिथ ने सवाल उठाए हैं.

Graeme Smith:: टेस्ट क्रिकेट को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए आईसीसी चेयरमैन जय शाह अगले महीने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड के प्रमुखों से मिलने वाले हैं. इस मुलाकात में टेस्ट मैचों के लिए दो-स्तरीय प्रणाली पर विचार किए जाने की उम्मीद है. इस प्रारूप में बड़ी टीमें आपस में ज्यादा टेस्ट मैच खेलेंगी. इस प्रारूप में छोटी टीमों के लिए मौके कम हो सकते हैं. इसी बात पर ध्यान दिलाते हुए दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ ने अपनी बात रखी है. उन्होंने इस विचार पर अपनी असहमति व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे टॉप की तीन देशों- भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के अलावा अन्य टीमों को संघर्ष करना पड़ सकता है.

स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए ग्रीम स्मिथ ने कहा कि दो स्तरीय प्रणाली का दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट पर क्या प्रभाव पड़ेगा, “दक्षिण अफ्रीका विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में हैं और इस बार हमारे पास गदा (Mace) जीतने का मौका है. मुझे लगता है कि यह बड़ी बात है. मुझे लगता है कि पिछले कुछ वर्षों में, यदि आप समय की अवधि पर नज़र डालें तो उनकी जीत का प्रतिशत वास्तव में काफी अच्छा है.” 

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की ट्रॉफी- गदा

बड़ी टीमें हर समय खेलती रहती हैं

उन्होंने दो स्तरीय प्रणाली पर बात करते हुए आगे कहा कि ऐसा किसी भी खेल में नहीं होता है जहाँ शीर्ष तीन देश हर समय एक दूसरे से भिड़ते हुए नजर आते हैं और इसमें एक संतुलन होना चाहिए जो अन्य देशों को बड़ी टीमों के साथ खेलने की अनुमति देता है. टेस्ट क्रिकेट के लिए दो-स्तरीय प्रणाली शीर्ष टीमों को बाकी टीमों से अलग करेगी, जिसमें छोटी टीमें निचले डिवीजन में एक-दूसरे के साथ खेलेंगी. उन्होंने कहा, “मुझे ICC के लिए भी दुख है. मैं आज सुबह एक नोट देख रहा था कि अगले दौर में इंग्लैंड और भारत एक-दूसरे के साथ कितना खेल रहे हैं, और ऑस्ट्रेलिया भी उसी तरह खेल रहा है. बाकी देशों के लिए यह काफी कठिन हो जाता है.”

छोटे देशों को समर्थन की जरूरत

भारतीय क्रिकेट टीम ने पिछले साल 13 टेस्ट मैच खेले जबकि इसी दौरान इंग्लैंड ने और भी ज्यादा टेस्ट मैच खेले. ग्रीम स्मिथ ने कहा, “भारत शायद सबसे अच्छा है क्योंकि वे अन्य देशों के लिए व्यावसायिक रूप से बहुत बेहतर स्थिति में है. लेकिन आप शीर्ष तीन देशों को हर समय एक-दूसरे के साथ खेलते हुए कहां पाते हैं? और आप केवल कल्पना कर सकते हैं कि अगले FTP चक्र में यह कैसा होगा.” उन्होंने कहा कि खेल की बेहतरी के लिए, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और श्रीलंका जैसी टीमों को अपने क्रिकेट के स्तर को बढ़ाने के लिए समर्थन की आवश्यकता है.” इसी बात को लेकर श्रीलंका के पूर्व खिलाड़ी एंजेलो मैथ्यूज ने भी आईसीसी से सवाल उठाया था, जिसे 2025 में केवल 4 टेस्ट मैच खेलने का शेड्यूल है. 

आईसीसी टेस्ट क्रिकेट को अधिक लोकप्रिय बनाने और ज्यादा रेवेन्यू पैदा करने के लिए दो स्तरीय क्रिकेट के पक्ष में जाना चाहता है. हालांकि बीसीसीआई ने 2016 में इसका विरोध किया था. स्मिथ ने आगे कहा, “ICC शीर्ष तीन की नज़र में निष्पक्ष संरचना कैसे बनाता है? मुझे लगता है कि विश्व क्रिकेट को जिस चीज़ की ज़रूरत है, उसे दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, श्रीलंका को बेहतर होने की जरूरत है. वरना क्या आप भविष्य में ऐसी दुनिया देख सकते हैं जहाँ केवल तीन देश ही क्रिकेट खेल रहे हों?” 

11 जून को फाइनल में भिडेंगे ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका ने 2023-25 ​​के लिए WTC प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान हासिल किया है. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ दिसंबर 2024 के आखिर में हुए पहले टेस्ट में जीतकर सबसे पहले फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था. उनके बाद ऑस्ट्रेलिया भारत के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में जीत हासिल करने के बाद दूसरी फाइनलिस्ट बनी. दोनों ही टीमें इस साल जून में लॉर्ड्स में 11 जून से होने वाले फाइनल के लिए भिड़ेंगी. ऑस्ट्रेलिया लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचा है. 2023 में उसने भारत को हराकर यह गदा उठाई थी. 

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