जो टीम योजना का पालन नहीं करेंगे उन्हें…, सिडनी टेस्ट से पहले गौतम गंभीर की चेतावनी

Gautam Gambhir: भारतीय टीम के मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर काफी सख्त नजर आ रहे हैं. उन्होंने टीम के खिलाड़ियों से ड्रेसिंग रूम में बात करते हुए चेतावनी दी है.

Gautam Gambhir: भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट में 184 रनों से हार का सामना करना पड़ा है. इससे टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर काफी नाराज हैं. मेलबर्न टेस्ट के बाद उन्होंने ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों से काफी सख्त लहजे में बात की है. वे जब से टीम इंडिया के कोच बने हैं, उनकी बनाई गई नीतियों पर खिलाड़ी सही ढंग से कार्य नहीं कर पा रहे हैं, बल्कि अपनी मर्जी से योजना बनाकर खेल रहे हैं. इसके साथ ही वे टीम में एक अनुभवी खिलाड़ी को भी शामिल करना चाह रहे थे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए. उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि जो भी खिलाड़ी पूर्व निर्धारित योजना से नहीं चलेंगे उन्हें ‘धन्यवाद’ दिया जाएगा.

पुजारा को करना चाह रहे थे गंभीर

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने 121 रन पर चौथा विकेट गंवाने के बाद अगले 6 विकेट केवल 20.3 ओवर में सिर्फ 34 रन पर गंवा दिए. इस प्रदर्शन के बाद कोच गौतम गंभीर ने भारतीय ड्रेसिंग रूम में जाकर सख्त लहजे में कहा कि ‘बहुत हो गया’. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीनों में उन्होंने टीम को अपने हिसाब से खेलने दिया लेकिन अब टीम उनकी बनाई योजना के अनुसार चलेगी. उन्होंने यहां तक कह दिया कि जो भी खिलाड़ी उनकी पूर्व निर्धारित योजना से नहीं चलेंगे उन्हें टीम से बाहर भी किया जा सकता है. गंभीर इस सीरीज के लिए चेतेश्वर पुजारा को भी टीम में शामिल करना चाहते थे, लेकिन चयनकर्ताओं ने इसे खारिज कर दिया. 

ड्रेसिंग रूम का माहौल अच्छा नहीं है

इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है, कि भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में सब कुछ ठीक ठाक नहीं है. रिपोर्ट में कहा गया है, “भारतीय क्रिकेट के कई सूत्रों ने कहा है कि ड्रेसिंग रूम का माहौल आदर्श से कोसों दूर है. पिछले कुछ समय से, ऑस्ट्रेलिया में पहले टेस्ट से पहले से ही, टीम में कुछ तनाव है. गंभीर ने 100 मैच खेल चुके टेस्ट विशेषज्ञ चेतेश्वर पुजारा को टीम में शामिल करने पर जोर दिया था, लेकिन चयनकर्ताओं ने इसे खारिज कर दिया. भारत के पर्थ टेस्ट जीतने के बाद भी गंभीर पुजारा के बारे में बात कर रहे थे.”

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अपनी मनमानी कर रहे हैं खिलाड़ी

भारतीय टीम पांच मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के चार मैचों में 1-2 से पिछड़ रही है. पहला टेस्ट मैच में कार्यवाहक कप्तान जसप्रीत बुमराह की अगुवाई में भारत ने 295 रनों से शानदार जीत दर्ज की थी. लेकिन इसके बाद रोहित शर्मा की टीम में वापसी हुई. उसके बाद से टीम इंडिया लगातार हार रही है. दूसरा मैच 10 विकेट से गंवाया तो तीसरा मैच ड्रॉ रहा था और चौथा मैच 184 रनों से हार गई. रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम की एक ड्रॉ को छोड़कर लगातार पांचवें मैच में हार हुई है. गौतम गंभीर के इस सख्त लहजे के कई मायने निकाले जा रहे हैं. हालांकि गंभीर ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके भाषण का सार यह था कि खिलाड़ी स्थिति के अनुसार खेलने के बजाय, “प्राकृतिक खेल” के नाम पर अपनी मनमानी कर रहे थे. 9 जुलाई को कोच का पद संभालने वाले गंभीर ने बताया कि कैसे उन्होंने टीम को पिछले छह महीनों में अपनी मर्जी से खेलने दिया, लेकिन अब वे खुद तय करेंगे कि टीम कैसे खेलेगी. खिलाड़ियों को नियमों का पालन करने की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि आगे चलकर जो लोग उनकी पूर्व-निर्धारित टीम रणनीति का पालन नहीं करेंगे, उन्हें “धन्यवाद” दिया जाएगा.

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा आखिरी टेस्ट मैच

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए भारतीय टीम को इस मैदान पर जीत आवश्यक होगी. एससीजी में खेला जाने वाला यह मैच 3 दिसंबर को भारतीय समयानुसार 5 बजे से शुरू होगा. गंभीर की इन टिप्पणियों के बाद टीम कैसा प्रदर्शन करेगी, यह देखने वाली बात होगी.

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