‘सोचा अंगूठा कटवा दूं’, क्रिकेटर ने बताया स्याह सच, महीनों खेल से रहा दूर अब भारत के खिलाफ टेस्ट में करेगा वापसी

Brydon Carse on Toe Injury: इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स ने खुलासा किया कि लगातार दर्द से परेशान होकर उन्होंने कभी अपनी उंगली कटवाने तक का विचार किया था. चोट के कारण वह तीन महीने तक क्रिकेट से दूर रहे, लेकिन अब भारत के खिलाफ टेस्ट टीम में वापसी कर चुके हैं.

Brydon Carse on Toe Injury: क्रिकेट में दर्शकों या प्रशंसकों को खिलाड़ियों का खेल पसंद आता है. चौके-छक्के, कैच, डाइव, स्लेजिंग सब उन्हें पसंद आता है, लेकिन उस खेल के नायकों का अपना संघर्ष कभी-कभी ही सामने आता है. महीनों तक चोट और दर्द से जूझते रहने के बाद वे वापस आते हैं और फिर से उसी तरह जलवा दिखाते हैं. इसी तरह का एक हादसे पर इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ब्राइडन कार्स ने अपनी हाल की चोट के बारे में खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने लगातार दर्दनाक समस्या से उबरने के लिए पैर का अंगूठा कटवाने पर विचार किया था. इस समस्या के कारण वह महीनों तक खेल से दूर रहे. 

पांच टेस्ट में 27 विकेट लेकर इंग्लैंड के सबसे होनहार तेज गेंदबाजों में अपनी पहचान बनाई है. वह 20 जून से लीड्स में शुरू हो रहे भारत के खिलाफ (IND vs ENG) पहले टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम में शामिल किए गए हैं. 29 वर्षीय कार्स को बाएं पैर की दूसरी उंगली पर गहरे, संक्रमित घाव हो गए थे, जो गेंदबाजी के दौरान उनके फ्रंट-फुट लैंडिंग के लगातार प्रभाव के कारण हुए. इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के भारत दौरे के दौरान यह समस्या सामने आई थी जिसके कारण उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर होना पड़ा और तीन महीने तक मैदान से दूर रहना पड़ा. 

ब्रायडन कार्स. इमेज- सनराइजर्स हैदराबाद (एक्स)

मेडिकल कर्मियों ने रोक लिया

बीबीसी से बात करते हुए कार्स ने कहा, ‘‘एक समय मैं यह सोचकर बिस्तर पर जा रहा था कि मुझे लगता है कि मैं वास्तव में ऐसा कर सकता हूं – मुझे लगता है कि मैं अपने पैर के अंगूठे से छुटकारा पा सकता हूं लेकिन फिर मेडिकल कर्मियों ने कहा कि आपको संतुलन के लिए इसकी जरूरत है इसलिए इस विचार को तुरंत खारिज कर दिया गया.’’

इससे निपटने के लिए अपनाए अनोखे उपाय

इस समस्या से निपटने के लिए उन्होंने कुछ अनोखे उपाय अपनाए, जैसे कि संकरी जूते पहनना, कस्टम इनसोल लगवाना और अपनी जूती में उस उंगली के पास छेद करना, ताकि दबाव कम हो सके. कार्स ने कहा, “करीब छह से आठ हफ्तों तक मैं तीन-चार अलग-अलग एंटीबायोटिक्स पर था. अंततः जख्म इतना गहरा हो गया था कि उसे भरने और बंद होने के लिए सिर्फ आराम की जरूरत थी.” 

आराम ही सबसे कारगर उपाय रहा

चैंपियंस ट्रॉफी से समय से पहले लौटने के बाद प्लास्टिक सर्जरी पर भी चर्चा हुई थी, लेकिन अंत में आराम ही सबसे असरदार इलाज साबित हुआ. मई के अंत में उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में वापसी की और फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ तीनों वनडे खेले, जहां उन्होंने इंग्लैंड की 3-0 सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई. हालांकि, ड्रेसिंग रूम में उनके इस अनुभव को लेकर मजाक भी चलता रहता है. कार्स ने हंसते हुए कहा, “मैं अब चेंजिंग रूम में अपनी उंगली का जिक्र करने से बचता हूं, क्योंकि लोग अब इससे तंग आ चुके हैं. यह एक तरह से मजाक का विषय बन चुका है मेरी दूसरी उंगली!”

शुभमन गिल पर बड़ी जिम्मेदारी

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैच की सीरीज 20 जून से खेली जाएगी. पहला टेस्ट मैच हेडिंग्ले ओवल में खेला जाएगा. 4 अगस्त तक चलने वाली सीरीज से दोनों देश अपने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के चक्र की शुरुआत करेगा. भारतीय टीम एक दशक से भी ज्यादा समय बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा के बिना मैदान में उतरेगी, ऐसे में नव नियुक्त कप्तान शुभमन गिल पर काफी बड़ी जिम्मेदारी होगी. 

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