क्या विराट कोहली को शतक बनाने से रोकने के लिए बांग्लादेशी स्पिनर ने फेंका था वाइड बाॅल? शांतो ने बताया सच

विराट कोहली ने अपना कल का शतक अंतिम गेंद पर पूरा किया. इससे पहले बांग्लादेशी खिलाड़ी ने वाइड बाॅल फेंका था. इस वाइड गेंद पर प्रशंसकों ने सवाल उठाए और कहा कि बांग्लादेशी स्पिनर नासुम अहमद ने जानकर वाइड गेंद फेंका था, ताकि कोहली अपना शतक ना बना पाएं.

भारत और बांग्लादेश के खिलाफ गुरुवार को खेले गए मैच में विराट कोहली ने अपना एकदिवसीय क्रिकेट करियर का 48 शतक जड़ा. इस शतक को जड़कर वे अब सचिन तेंदुलकर के 49 शतक के रिकाॅर्ड से महज एक शतक पीछे हैं. विराट कोहली ने अपना कल का शतक अंतिम गेंद पर पूरा किया. इससे पहले बांग्लादेशी खिलाड़ी ने वाइड बाॅल फेंका था. इस वाइड गेंद पर प्रशंसकों ने सवाल उठाए और कहा कि बांग्लादेशी स्पिनर नासुम अहमद ने जानकर वाइड गेंद फेंका था, ताकि कोहली अपना शतक ना बना पाएं. इसपर बांग्लादेश के कार्यवाहक कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने सफाई दिया है और कहा है कि हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं था. कोई गेंदबाज जान बूझकर वाइड नहीं डालता.

विराट कोहली ने छक्का जड़कर बनाया 48वां शतक

भारत-बांग्लादेश के मैच में जिस समय वाइड गेंद फेंकी गई थी उस वक्त कोहली 97 रन पर खेल रहे थे और मैच के नौ ओवर बाकी थे, जबकि भारत को 257 रन का लक्ष्य हासिल करने के लिए सिर्फ दो रन की जरूरत थी. अहमद ने उस समय लेग साइड के बाहर गेंद डाली जिसे मैदानी अंपायर रिचर्ड केटलबोरो ने वाइड करार नहीं दिया था. कोहली ने 42वें ओवर में डीप मिडविकेट पर छक्का लगाकर शतक पूरा किया और भारत को जीत दिलाई .

विराट कोहली लगा चुके हैं 77 शतक

सचिन तेंदुलकर दुनिया के पहले खिलाड़ी है जिन्होंने ‘शतकों का शतक’ लगाया है . अभी भी उनके इस रिकाॅर्ड के आसपास कोई खिलाड़ी नजर आ रहा है तो वे हैं विराट कोहली. विराट कोहली ने अपने करियर में 77 शतक लगाएं हैं. उनके बाद रिकी पोंटिंग का नाम है जिन्होंने अपने करियर में 71 शतक लगाए हैं. चौथे नंबर पर कुमार संगकारा हैं, जिन्होंने अपने करियर में 63 और पांचवें नंबर पर जैक कैलिस हैं, जिन्होंने 62 शतक जड़ा है. विराट कोहली के अलावा इस लिस्ट के सभी खिलाड़ी संन्यास ले चुके हैं, इसलिए सचिन तेंदुलकर का रिकाॅर्ड टूटना भी आसान नहीं है.

Also Read: AUS vs PAK LIVE : ऑस्ट्रेलिया के दोनों ओपनर ने जड़ा पचासा – AUS 128/0 (15)

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >