AUS vs IND: भारत के लिए ‘बेहद अनलकी’ रहा यह अंपायर, रिकॉर्ड देखकर दंग रह जाएंगे

AUS vs IND: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) के लिए भारतीय टीम पांच टेस्ट मैच खेलेगी. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को इनमें से चार मैचों में जीत की जरूरत होगी. लेकिन इस सीरीज में अंपायरिंग के लिए रिचर्ड केटलबरो (Richard Kettleborough) का चुनाव किया गया है, जो भारत के लिए काफी अनलकी रहे हैं. इस आर्टिकल में हम आपको उनके बारे में बताने जा रहे है.

AUS vs IND: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 22 नवंबर से शुरू होने वाली है. इस सीरीज का पहला मैच पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में खेला जाएगा. इस सीरीज के लिए दो ऑनफील्ड अंपायर और दो ऑफफील्ड अंपायर रहेंगे. पर्थ टेस्ट के लिए इस मैच में रिचर्ड केटलबरो और क्रिस गैफने ऑन फील्ड अंपायर होंगे. जबकि रिचर्ड इलिंगवर्थ थर्ड अंपायर रहेंगे और सैम नोगास्की फोर्थ अंपायर होंगे. इस मैच के रेफरी रंजन मदुगले होंगे. 

रिचर्ड केटलबरो को क्यों कहा जाता है ‘भारत के लिए अनलकी’

रिचर्ड केटलबरो के अंपायर रहते भारतीय टीम का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है. यार्कशायर में जन्मे रिचर्ड की अंपायरिंग के दौरान भारतीय टीम को कई प्रमुख मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत और श्रीलंका के बीच 2014 के टी20 विश्वकप फाइनल में, 2015 के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिवसीय सेमीफाइनल में, 2016 के टी20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में और 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ हुए मैच में रिचर्ड केटलबरो ऑन फील्ड अंपायर रहे. इतना ही नहीं केटलबरो भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ 2019 के सेमीफाइनल मैच में भी अंपायर थे. भारतीय टीम के लिए ‘अनलकी’ रहे केटलबरो 2021 और 2023 के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी भारत की हार के समय अंपायर रहे. इतना काफी नहीं था, वे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए 2023 के विश्वकप फाइनल मैच में भी अंपायर थे. 

भारत के खिलाफ दिल दहला देने वाली हार के दरम्यान अंपायर रहे 51 साल के केटलबरो इस सीरीज के दौरान भी अंपायरिंग करते नजर आएंगे. केटलबरो अब तीन बार आईसीसी का अंपायर्स को दिया जाने वाला डेविड शेफर्ड अवार्ड जीत चुके हैं. उन्हें 2013, 2014 और 2015 में लगातार यह पुरस्कार दिया गया. भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई करने के लिए 5 मैचों में से 4 जीत सुनिश्चित करनी होगी. अन्यथा उसे अन्य देशों की हार जीत पर निर्भर रहना पड़ेगा. 

Richard kettleborough. Image: icc/x

कौन करता है अंपायर्स का चुनाव

किसी भी अंतर्राष्ट्रीय मैच के लिए अंपायर्स का चुनाव क्रिकेट की अंतर्राष्ट्रीय संस्था आईसीसी करती है. आईसीसी आगामी सीरीज के लिए जल्द से जल्द मैच अधिकारियों की नियुक्ति करता है. हालांकि ये नियुक्तियां किसी विशेष परिस्थिति में बदली भी जा सकती हैं. किसी अंपायर को नियुक्त करते समय आईसीसी कुछ मानक निर्धारित करता है. इन मानकों में-

प्रतिद्वंद्वी टीमों के देश का निवासी न हो 

मैच/सीरीज के लिए उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ अंपायर

बेहतर प्रदर्शन करने वाले अंपायर का अधिक उपयोग

किसी टीम के खिलाफ एक अंपायर को ज्यादा बार न उतारा जाए

वर्कलोड ज्यादा न हो

अंपायर्स का एलीट पैनल

आईसीसी विभिन्न मैचों के लिए अंपायर्स का एक पैनल तैयार रखता है. ये अंपायर्स अंतर्राष्ट्रीय मैचों में आईसीसी की तरफ से नियुक्त किए जाते हैं. वर्तमान में 12 अंपायर्स इस पैनल में शामिल हैं. 

कुमार धर्मसेना- श्रीलंका

क्रिस्टोफर गैफनी- न्यूजीलैंड

माइकल गफ- इंग्लैंड

एड्रियन होल्डस्टॉक- दक्षिण अफ्रीका

रिचर्ड इलिंगवर्थ- इंग्लैंड

रिचर्ड केटलबरो- इंग्लैंड

नितिन मेनन- भारत

अहसान रजा- पाकिस्तान

पॉल रिफेल- ऑस्ट्रेलिया

शर्फुद्दौला- बांग्लादेश

रॉडने टकर-ऑस्ट्रेलिया

जोएल विल्सन वेस्ट इंडीज

अंपायर्स के लिए कोचिंग

आईसीसी अंपायर्स के लिए भी कोचिंग की व्यवस्था करता है ताकि वे मैदान पर कम से कम गलतियां करें. स्टुअर्ट कमिंग्स, कार्ल हर्टर, सीके नंदन और ब्रूस ऑक्सेनफोर्ड वर्तमान में वे 4 कोच हैं जो इंटरनेशनल मैचों के अंपायर्स की ट्रेनिंग करते हैं. ये कोच विभिन्न देशों में आईसीसी के डेवलपमेंट कोच को तैयार करने में अपनी सेवाएं देते हैं.

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By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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