Ajit Agarkar on Rajat Patidar: BCCI द्वारा आयरलैंड, इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स 2026 के लिए घोषित टी20 टीम में कई चौंकाने वाले बदलाव देखने को मिले हैं. श्रेयस अय्यर को जहां टीम की कमान सौंपी गई है, वहीं धाकड़ बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को ड्रॉप कर दिया गया है. हालांकि, सबसे ज्यादा हैरान करने वाला फैसला रजत पाटीदार को बाहर रखना रहा, जिन्होंने अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी के दम पर RCB को लगातार दो बार आईपीएल चैंपियन बनाया. पाटीदार को किसी भी स्क्वाड में जगह न मिलने पर उठ रहे सवालों के बीच, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने खुलासा किया है.
जानिए क्यों ड्रॉप हुए रजत पाटीदार
रिपोर्ट्स और टीम मैनेजमेंट के सूत्रों की मानें तो रजत पाटीदार को ड्रॉप करने का फैसला टीम कॉम्बिनेशन को देखकर लिया गया है. श्रेयस अय्यर की बतौर कप्तान वापसी के बाद नंबर-4 का स्लॉट बुक हो चुका है, जिससे मिडिल ऑर्डर में पाटीदार के लिए जगह नहीं बन पाई. इसके अलावा, पाटीदार के लगातार कंसिस्टेंसी को लेकर भी मैनेजमेंट पूरी तरह संतुष्ट नहीं था. अब चयनकर्ताओं का पूरा फोकस भविष्य पर है. 2028 टी20 वर्ल्ड कप और लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियों के मद्देनजर को ध्यान में रखते हुए युवा कई खिलाड़ी को प्राथमिकता दी गई है.
पाटीदार को न चुने जाने पर अगरकर ने क्या कहा
आगामी दौरों के लिए चुनी गई टीम में कुछ बड़े नामों के न होने पर मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट में इस समय प्रतिभा का ऐसा भरमार है कि 15 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट करना बेहद मुश्किल काम है. अगरकर ने कहा कि टीम का चयन रातों-रात नहीं होता, बल्कि हर एक नाम पर गहन मंथन किया जाता है. उन्होंने आईपीएल और घरेलू सत्र के प्रदर्शन को सराहते हुए माना कि कई खिलाड़ी टीम में आने की रेस में थे, लेकिन हालिया वर्ल्ड कप विजेता टीम के मौजूदा खिलाड़ियों के बेहतरीन फॉर्म को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था. चीफ सेलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि 15 खिलाड़ियों की लिमिट होने के कारण कुछ योग्य खिलाड़ियों का बाहर रहना स्वाभाविक है, लेकिन वर्तमान स्क्वाड पूरी तरह परफेक्ट है.
इस सीजन रजत पाटीदार का प्रदर्शन
रजत पाटीदार का हालिया प्रदर्शन टी20 क्रिकेट की हर जगह पर फिट बैठता है. पूरे सीजन में उन्होंने 192.69 के खतरनाक स्ट्राइक रेट से 501 रन बनाए, जिसमें 30 चौके और 42 छक्के शामिल थे. पाटीदार सिर्फ रन नहीं बना रहे थे, बल्कि उनका ‘इम्पैक्ट’ मैच का रुख बदल रहा था. मिडिल ओवर्स में स्पिन को बेअसर करना और डेथ ओवर्स में गेंदबाजों की बखिया उधेड़ना उनकी खासियत रही, जिसने बेंगलुरु को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाया. इसके बावजूद, भारतीय टीम के मध्यक्रम में इस समय स्टार खिलाड़ियों की जो भीड़ है, उसी की वजह से इतना शानदार प्रदर्शन करने वाला बल्लेबाज भी टीम से बाहर रह गया.
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