मैाजूदा विश्व कप में मंगलवार को वेस्टइंडीज के खब्बू बल्लेबाज क्रिेस गेल ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की है उसे लंबे समय तक लोग नहीं भूल पायेंगे. कैरिबियाई बल्लेबाज ने मंगलवार को सारे बल्लेबाजों के रिकार्ड को तोड़ कर नया इतिहास रच डाला. गेल ने महज 138 गेंदों में सबसे तेज गति से दोहरा शतक […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मैाजूदा विश्व कप में मंगलवार को वेस्टइंडीज के खब्बू बल्लेबाज क्रिेस गेल ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की है उसे लंबे समय तक लोग नहीं भूल पायेंगे. कैरिबियाई बल्लेबाज ने मंगलवार को सारे बल्लेबाजों के रिकार्ड को तोड़ कर नया इतिहास रच डाला. गेल ने महज 138 गेंदों में सबसे तेज गति से दोहरा शतक जमाया और विश्व कप में ऐसा करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गये. हालांकि भारतीय खिलाडियों के रिकार्ड तोड़ पाने में गेल कामयाब नहीं हो सके.
गेल दोहरा शतक जमाने वालों में दुनिया के चौथे खिलाड़ी बन गये हैं. उन्होंने अपनी पारी में 138 गेंदों का सामना किया और 16 छक्के और 10 चौकों की मदद से 215 रन बनाये. इससे पहले विश्व कप में कोई क्रिकेटर ने दोहरा शतक नहीं जमाया था.
गेल के इस कारनामें में भारत का भी अहम योगदान रहा है. दरअसल गेल के जिस बल्ले से गोले बरस रहे थे वह बल्ला भारत में ही बना है. गेल के लिए जलांधर से 15 बल्ले विश्व कप के लिए तैयार किये गये थे. बल्ला तैयार करते समय लंबाई व भार का खास खयाल रखा गया है. गेल ज्यादा भारी बल्ला इस्तेमाल करते हैं.
जालंधर के जिस कंपनी की ओर से गेल के लिए बल्ले तैयार किये गये थे वह कंपनी सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धौनी,इयान मोर्गन और ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल के लिए भी बल्ले बना चुकी है. और ये खिलाड़ी जलांधर में बने बल्ले से ही रन बनाते आये हैं.