आगे के पांव की नो-बॉल पर फैसला देने का अधिकार केवल तीसरे अंपायर को

दुबई : वेस्टइंडीज और आयरलैंड के बीच सीमित ओवरों की आगामी शृंखला के दौरान भी तीसरे अंपायर को आगे के पांव की नो-बॉल देने का अधिकार होगा. इससे पहले वेस्टइंडीज के हाल में भारत दौरे में इस तकनीक का प्रयोग किया गया था. वेस्टइंडीज और आयरलैंड के बीच तीन वनडे और इतने ही टी20 अंतरराष्ट्रीय […]

दुबई : वेस्टइंडीज और आयरलैंड के बीच सीमित ओवरों की आगामी शृंखला के दौरान भी तीसरे अंपायर को आगे के पांव की नो-बॉल देने का अधिकार होगा. इससे पहले वेस्टइंडीज के हाल में भारत दौरे में इस तकनीक का प्रयोग किया गया था.

वेस्टइंडीज और आयरलैंड के बीच तीन वनडे और इतने ही टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाएंगे. इस दौरान तीसरा अंपायर प्रत्येक गेंद के लिये आगे के पांव पर निगरानी रखेगा और अगर पांव लाइन से आगे होता है तो मैदानी अंपायर को नोबॉल देने के लिये कहेगा.

मैदानी अंपायर अब आगे के पांव की नो-बॉलनहीं देगा जब तक कि उसे तीसरे अंपायर से निर्देश नहीं मिलते, लेकिन वह अन्य मैदानी फैसलों के लिये जिम्मेदार होगा. संदेह का लाभ गेंदबाज को मिलेगा और अगर नो-बॉलकी जानकारी बाद में मिलती है तो मैदानी अंपायर बल्लेबाज के आउट होने पर अपना फैसला बदल सकता है.

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