विराट कोहली की जगह लेना चा‍हता है पाक ”रन मशीन” बाबर आजम

कराची : पाकिस्तान की नयी रन मशीन बाबर आजम की ख्वाइश क्रिकेट के मैदान में विराट कोहली की ‘महानता’ की बराबरी करना है हालांकि रिकार्डों के मामले में वह अभी भारतीय कप्तान से काफी पीछे हैं. खुद को कोहली का प्रशंसक बताने वाले 24 साल के इस खिलाड़ी ने बताया कि उसकी चाहत टेस्ट और […]

कराची : पाकिस्तान की नयी रन मशीन बाबर आजम की ख्वाइश क्रिकेट के मैदान में विराट कोहली की ‘महानता’ की बराबरी करना है हालांकि रिकार्डों के मामले में वह अभी भारतीय कप्तान से काफी पीछे हैं.

खुद को कोहली का प्रशंसक बताने वाले 24 साल के इस खिलाड़ी ने बताया कि उसकी चाहत टेस्ट और एकदिवसीय रैंकिंग में विश्व के नंबर एक बल्लेबाज की बराबरी करना है. आजम ने कहा, देखिये वह (कोहली) पहले ही बहुत कुछ हासिल कर चुके हैं. वह अपने देश में एक महान खिलाड़ी हैं. ईमानदारी से कहूं तो अभी उनसे मेरी कोई तुलना नहीं की जा सकती, लेकिन मैं भी वहां पहुंचना चाहता जहां वह आज हैं.

उन्होंने कहा, मीडिया और लोगों ने मेरी और कोहली की काफी तुलना की है, लेकिन मुझे इस बात का अहसास है कि विश्व के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल होने के लिए टेस्ट मैचों में काफी रन बनाने होंगे. इसलिए हाल के दिनों में मैंने टेस्ट क्रिकेट में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान दिया.

श्रीलंका के खिलाफ रावलपिंडी में खेले गये पहले टेस्ट में नाबाद शतकीय पारी खेलने वाले इस बल्लेबाज ने कहा कि वह कोहली की तरह मैच विजेता खिलाड़ी बनना चाहते है. बाबर की यह पिछले तीन टेस्ट में दूसरी शतकीय पारी थी. उन्होंने कहा, अगर कोई मेरी तुलना कोहली या स्टीव स्मिथ से करता है तो मैं दबाव में नहीं आता हूं.

मैं अब अपनी बल्लेबाजी पर काफी ध्यान देता हूं और घंटों तक मैं अपनी बल्लेबाजी के वीडियो देखता हूं. मैं अपनी गलतियों की पहचान कर यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता हूं कि उन्हें दोहराया ना जाए.

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर दो टेस्ट मैचों में एक शतकीय और एक 97 रन की पारी खेलने वाले आजम ने कहा कि खेल का पारंपरिक प्रारूप उनके लिए सबसे मुश्किल है. उन्होंने कहा, जब मैं ब्रिसबेन में पहली पारी में खराब शॉट खेलकर सस्ते में आउट हो गया, तो मैं खुद से बहुत नाराज हुआ था क्योंकि मुझे अहसास हुआ कि किसी भी शीर्ष बल्लेबाज को इस तरह से आउट नहीं होना चाहिए.

दूसरी पारी में मैं धैर्य से खेला और उसका फायदा हुआ. मेरा स्वाभाविक खेल हालांकि स्ट्रोक लगाना है. आजम ने कहा, मैं टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाना चाहता हूं. आपको अपने लक्ष्य निर्धारित करने होते हैं जैसे की सभी शीर्ष खिलाड़ी करते हैं। मैंने टेस्ट क्रिकेट में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने को लक्ष्य बनाया है. टी20 में 50 और एकदिवसीय में 54 की औसत रखने वाले इस बल्लेबाज का टेस्ट में 39 का औसत है.

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