मुंबईः क्रिकेट का सबसे बड़ा लीग आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) हमेशा चर्चा में रहता है. इस लीग का पिछला सीजन यानी 2019 काफी सफल रहा था. मुंबई इंडियंस ने चौथी बार खिताब पर कब्जा किया था. इस सीजन में खराब अंपायरिंग काफी सुर्खियों में रहा था. खराब अंपायरिंग की वजह से इस लीग का काफी किरकिरी हुई थी और इसमें खास तौर पर नो-बॉल पर लिए गए फैसलों ने सबको परेशान किया था.
इस सीजन में कई ऐसे मौके आए जब फील्ड अंपायर नो-बॉल पर ध्यान नहीं रख पाए और इस फैसले ने कई मैचों का रिजल्ट बदल दिया था. इन्हीं सब मुद्दों को देखते हुए आईपीएल संचालन परिषद पहली बार ‘नो बॉल’ के लिए विशेष अंपायर रखने की सोच रही है. ऐसा समझा जाता है कि आईपीएल मैचों के दौरान ‘पावरप्लेयर’ सब्स्टीट्यूशन भी फिलहाल शुरू नहीं किया जा रहा है, क्योंकि इस सप्ताह के आखिर में शुरू हो रही सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी राष्ट्रीय टी20 चैम्पियनशिप में इसका ट्रायल नहीं हो सकेगा.
पूर्व टेस्ट बल्लेबाज बृजेश पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में एफटीपी विंडो, विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता, भारतीय टीम का एफटीपी और फ्रेंचाइजी के विदेश में दोस्ताना मैच खेलने की संभावनाओं पर बात हुई. गवर्निंग काउंसिल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा,अगर सबकुछ ठीक रहता है तो आईपीएल के अगले संस्करण से नो बॉल चेक करने के लिए दो नियमित अंपायरों के अलावा एक अतिरिक्त अंपायर देखने को मिल सकता है. आईपीएल संचालन परिषद की पहली बैठक में इस पर बात हुई है.
