रणजी में रोमांच : बेटे को पवेलियन भेजने की खातिर पिता ने बनायी रणनीति, बेटे को मास्क पहनकर भांजना पड़ा बल्ला

नयी दिल्ली : किसी पिता के लिए बेटे को आउट करने की रणनीति बनाना मुश्किल काम हो सकता है, लेकिन रेलवे क्रिकेट टीम के पर्यवेक्षक दिनेश लाड को मुंबई के खिलाफ यहां रणजी ट्राफी के पहले दिन बेटे सिद्धेश लाड को पवेलियन भेजने की योजना बनानी पड़ी. रोहित शर्मा के बचपन के कोच के तौर […]

नयी दिल्ली : किसी पिता के लिए बेटे को आउट करने की रणनीति बनाना मुश्किल काम हो सकता है, लेकिन रेलवे क्रिकेट टीम के पर्यवेक्षक दिनेश लाड को मुंबई के खिलाफ यहां रणजी ट्राफी के पहले दिन बेटे सिद्धेश लाड को पवेलियन भेजने की योजना बनानी पड़ी. रोहित शर्मा के बचपन के कोच के तौर पर पहचाने जाने वाले पश्चिमी रेलवे के पूर्व खिलाड़ी दिनेश को रेलवे ने अपनी सीनियर टीम का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.

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आलम यह कि रेलवे की इस रणनीति के बाद बेटा खिलाड़ी सिद्धेश लाड काला मास्क पहनकर क्रीज पर बल्लेबाजी करते दिखे. उनके इस मास्क के बारे में हालांकि यह कहा जा रहा है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण की वजह से ही सिद्धेश ने काले रंग का मास्क पहन रखा था, लेकिन उनके सामने क्रीज पर दूसरे बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव और फील्डरों ने प्रदूषण से बचने के लिए किसी प्रकार के मास्क का इस्तेमाल नहीं किया था. इस वजह से कयास यह भी लगाया जा रहा है कि आखिर इस मैच में दूसरे खिलाड़ियों ने मास्क का इस्तेमाल क्याें नहीं किया.

यहां के करनैल सिंह स्टेडियम में खेले जा रहे मैच के बारे में दिनेश ने कहा कि मुझे कल ही बताया गया कि मैं इस सत्र में रेलवे का पर्यवेक्षक रहूंगा. मुझे अभी तक नियुक्ति पत्र भी नहीं मिला है, इसलिए मैं दिन का खेल खत्म होने के बाद ही टीम के खिलाड़ियों से मिलूंगा. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने रेलवे के गेंदबाजों को सिद्धेश को आउट करने के लिए कोई सलाह दी है, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि किसी पिता के लिए यह काफी मुश्किल काम है. मुझे अपनी टीम के बारे में सोचना है और उसी समय एक पिता के तौर पर भी. मैं नहीं चाहूंगा की मेरा बेटा असफल हो.

उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि टाइम्स शील्ड टूर्नामेंट के दौरान मैं पश्चिमी रेलवे का कोच था, जबकि सिद्धेश भारतीय तेल निगम के लिए खेलता था. इस मैच में बल्लेबाजी करने उतरे सिद्धेश प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाये दिखे. दिल्ली के प्रदूषण से निपटने के लिए लंच के बाद सिद्धेश ने बल्लेबाजी करते समय काले प्रदूषण रोधी मास्क के साथ बल्लेबाजी की.

हालांकि, उनके साथ कर रहे सूर्यकुमार यादव और रेलवे के क्षेत्ररक्षकों ने बिना मास्क के लिए अपना खेल जारी रखा. नवंबर और दिसंबर के महीने में दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है. इससे पहले 2016 में प्रदूषण के कारण बंगाल और गुजरात के बीच फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में मैच रद्द कर दिया गया था. श्रीलंका के खिलाड़ियों को 2017 में इसी मैदान में भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में मास्क में देखा गया था. बीसीसीबाई ने इसके बाद नवंबर-दिसंबर के महीने में दिल्ली में कोई मैच नहीं कराने का फैसला किया था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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