अश्विन ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड, ऐसा करने वाले दुनिया के चौथे गेंदबाज बने

बर्मिंघम : भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंग्‍लैंड के खिलाफ पहले टेस्‍ट मैच के पहले दिन इतिहास रच दिया है. उन्‍होंने इंग्‍लैंड की धरती पर अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. इंग्‍लैंड के खिलाफ उन्‍होंने पहले दिन चार बल्‍लेबाजों को अपना शिकार बनाया और टीम इंडिया को मैच में जोरदार वापसी करायी. चार […]

बर्मिंघम : भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंग्‍लैंड के खिलाफ पहले टेस्‍ट मैच के पहले दिन इतिहास रच दिया है. उन्‍होंने इंग्‍लैंड की धरती पर अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. इंग्‍लैंड के खिलाफ उन्‍होंने पहले दिन चार बल्‍लेबाजों को अपना शिकार बनाया और टीम इंडिया को मैच में जोरदार वापसी करायी.

चार विकेट के साथ ही अश्विन इंग्‍लैंड में सीरीज के पहले मैच के पहले दिन ऐसा प्रदर्शन करने वाले पहले गेंदबाज बन गये हैं. हालांकि एशिया से बाहर टेस्‍ट सीरीज के पहले मैच के पहले दिन सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन के मामले में अश्विन दुनिया के चौथे गेंदबाज बन गये हैं.

अश्विन से पहले इंग्‍लैंड की धरती में सीरीज के पहले मैच के पहले दिन कोई भी गेंदबाज ने ऐसा प्रदर्शन नहीं किया था. वहीं एशिया के बाहर भारतीय स्पिनरों का सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा इस प्रकार रहा है.

6/94- बी. चंद्रशेखर, बनाम न्यूज़ीलैंड, ऑकलैंड 1976

5/55- बिशन सिंह बेदी, बनाम ऑस्ट्रेलिया, ब्रिस्बेन 1978

5/84- अनिल कुंबले, बनाम ऑस्ट्रेलिया, मेलबर्न, 2007

4/60- आर अश्विन, बनाम इंग्लैंड, एजबेस्टन, 2018

अश्विन ने टेस्‍ट सीरीज के पहले दिन पहला विकेट लिया. इससे पहले भारत की ओर से टेस्‍ट सीरीज का पहला विकेट लेने वाले आखिरी स्पिनर अनिल कुंबले थे. उन्होंने 2007 में मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के फिल जैक्स को आउट किया था.

* काउंटी क्रिकेट खेलने से फायदा मिला : अश्विन

अश्विन ने कहा कि काउंटी क्रिकेट में खेलने और अपने गेंदबाजी एक्शन में जरा सा फेरबदल करने से उन्हें फायदा मिला. इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के शुरुआती दिन उन्होंने 60 रन देकर चार विकेट झटके जिससे मेजबान टीम पहले दिन नौ विकेट पर 285 रन ही बना सकी.

अश्विन काउंटी टीम वारेस्टरशर की ओर से खेल चुके हैं, उन्होंने बीसीसीआई डाट टीवी से कहा, जब मैं यहां पिछले साल काउंटी खेलने आया था तो पहली चीज मैंने महसूस की कि यहां के गेंदबाज किस रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं.

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उन्होंने कहा, यहां की परिस्थितियां पहले दिन ही काफी धीमी हैं. आप थोड़ा उछाल हासिल कर सकते हो लेकिन अगर रफ्तार सही नहीं है तो बल्लेबाजों को फ्रंट और बैकफुट पर उसी गेंद को खेलने के लिये काफी समय मिल जायेगा. मैं जब यहां आया तो मैंने यही चीज महसूस की.

इस 31 वर्षीय भारतीय गेंदबाज ने अभी तक 58 टेस्ट में 316 विकेट चटकाये हैं. इसके बाद ही उन्होंने ��पने गेंदबाजी एक्शन पर काम करने का फैसला किया. उन्होंने कहा, पिछले 12 से 18 महीनों मैंने काफी समय क्लब क्रिकेट खेलने में लगाया है. मैं अपने एक्शन को थोड़ा सरल करने पर काम कर रहा था और मैं इसमें कारगर रहा.

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अश्विन ने कहा कि उन्होंने हवा में ही गेंद से बल्लेबाजों को धोखा देने पर ध्यान लगाया और इसके लिये उन्होंने काफी कड़ी मेहनत की. उन्होंने कहा, हम हमेशा पिच की प्रकृति के हिसाब से विकेट लेने के बारे में बात करते हैं कि विकेट कितना अच्छा है लेकिन अब बल्लेबाज इस विकेट पर खेलने का लुत्फ उठाते हैं. इसलिये मैं हवा में ही गेंद पर काम करने के बारे में सोच रहा था.

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