नयी दिल्ली : अपने कैरियर में चोटों से घिरे रहने वाले भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने जैसे ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा की वैसे ही सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं संदेशों की बाढ़ आ गयी. जिस सोशल मीडिया पर नेहरा को हमेशा निशाना बनाया जाता था, संन्यास लेने की घोषणा के साथ उनके फैन्स इमोशनल हो गये.
सोशल मीडिया पर इस समय #NehraJi ट्रेंड कर रहा है. लोगों इसी हैशटैग के साथ भारतीय क्रिकेट में ‘नेहराजी’ के योगदान की जमकर सराहना कर रहे हैं. कुछ यूजर्स ने तो इस अवसर पर भावुक कमेंट भी किये और चोट के बावजूद भारतीय टीम में लगातार वापसी करने की नेहरा की इच्छाशक्ति की जमकर प्रशंसा की.
एक यूजर्स ने फोटो पोस्ट कर नेहरा के मैदान पर विकेट लेने के बाद जश्न मानाने के तरिके को याद किया. उन्होंने लिखा, आपके एयरप्लेन सेलिब्रेशन को हमेशा मिस करेंगे ‘नेहरा जी’. उसी तरह एक यूजर्स ने लिखा, हम आपको हमेशा याद करेंगे, आप भारत के सबसे अच्छे गेंदबाजों में से एक हैं. लिजेंड कभी रिटायर नहीं होते.
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गौरतलब नेहरा ने घोषणा कर दी है कि वो न्यूजीलैंड के खिलाफ एक नवंबर को होने वाले टी20 मैच के बाद क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे. नेहरा ने कहा, ऐसे में रिटायर होना अच्छा लगता है जब लोग क्यों नहीं से ज्यादा क्यों सवाल पूछते हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 मैच से पहले कहा, मैंने टीम प्रबंधन और चयन समिति के प्रमुख से बात की है. मेरे लिये घरेलू दर्शकों के सामने खेल को अलविदा कहने से बढ़कर कुछ नहीं होगा. उसी मैदान पर 20 साल पहले मैंने अपना पहला रणजी मैच खेला था.
उन्होंने कहा, मैं हमेशा कामयाबी के साथ संन्यास लेना चाहता था. मुझे लगता है कि यह सही समय है और मेरे फैसले का स्वागत किया गया है. 38 बरस के नेहरा ने मुख्य कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली को इस फैसले की जानकारी दे दी है. भारत और न्यूजीलैंड 22 अक्तूबर से तीन मैचों की वनडे और तीन टी20 मैचों की श्रृंखला खेलेंगे. भारत के लिये 1999 में पहला मैच खेलने वाले नेहरा 117 टेस्ट, 120 वनडे और 26 टी20 मैच खेल चुके हैं. उन्होंने 44 टेस्ट, 157 वनडे और 34 टी20 विकेट लिये हैं.
उन्हें डरबन में 2003 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ 23 रन देकर छह विकेट लेने के लिये याद रखा जायेगा. बीमार होने के बावजूद उन्होंने उस मैच में यह प्रदर्शन किया था. वह 2011 विश्व कप विजेता टीम के भी सदस्य थे और सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था. उंगली में फ्रेक्चर के कारण वह फाइनल नहीं खेल सके थे.
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यह पूछने पर कि क्रिकेट के मैदान पर उनकी सबसे सुखद याद क्या है, उन्होंने कहा, हर दिन एक नई याद है. लोग लम्हे याद रखते हैं मसलन इंग्लैंड के खिलाफ छह विकेट या कराची में आखिरी ओवर लेकिन मैं ऐसा नहीं सोचता. उन्होंने कहा, मुझे हमेशा अच्छा लगता रहेगा कि कप्तानों ने मुझसे आखिरी ओवर कराया. हम विश्व कप 2011 फाइनल जीते और 2003 हारे. मेरे लिये कोई एक याद का जिक्र करना मुश्किल है.
