क्या युवराज सिंह को अब ले लेना चाहिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ?
नयी दिल्ली : बायें हाथ के दिग्गज बल्लेबाज युवराज सिंह को श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिये भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है. उनकी जगह युवा मनीष पांडे को टीम में जगह दी गयी है. श्रीलंका के खिलाफ टीम से बाहर होने से अब युवराज की टीम में वापसी मुश्किल […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नयी दिल्ली : बायें हाथ के दिग्गज बल्लेबाज युवराज सिंह को श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिये भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है. उनकी जगह युवा मनीष पांडे को टीम में जगह दी गयी है. श्रीलंका के खिलाफ टीम से बाहर होने से अब युवराज की टीम में वापसी मुश्किल हो गयी है.
टीम में नहीं चुने जाने से युवराज सिंह के चमकदार अंतरराष्ट्रीय करियर के अंत का संभावित संकेत हो सकता है. दो बार विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे और सीमित ओवरों के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक 35 वर्षीय युवराज पिछले कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे.
पाकिस्तान के खिलाफ चैंपियन्स ट्रॉफी के शुरुआती मैच में अर्धशतक जड़ने के बाद अगली सात पारियों में वह केवल 162 रन ही बना पाये थे. चयन नीति से वाकिफ बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि युवराज 2019 में इंग्लैंड एवं वेल्स में होने वाले विश्व कप के लिये दावेदार नहीं हैं. उन्होंने गोपनीयता की शर्त पर कहा, उनकी बल्लेबाजी में अब पहले जैसी नहीं रही. वह बमुश्किल गेंदबाजी करते हैं और उनका क्षेत्ररक्षण भी लचर हो गया है. अगर हमें 2019 विश्व कप के लिये टीम तैयार करनी है तो हमें अभी फैसला करना होगा.
दूसरी ओर महेंद्र सिंह धौनी के मामले में हमारे पास अब भी कोई अच्छा विकल्प नहीं है लेकिन युवराज का स्थान लेने के लिये कई दावेदार हैं. कुछ दिनों पहले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड ने भी युवराज और धौनी को टीम में जगह दिये जाने को लेकर सवाल उठाया था और अगले विश्वकप में दोनों के खेलने पर भी विचार करने की सलाह दी थी. हालांकि युवराज सिंह का इतिहास रहा है कि वो जब भी टीम से बाहर रहे हैं जोरदार ढंग से वापसी की है. युवराज ने 304 वनडे में 8000 से अधिक रन बनाये हैं. इसके अलावा उन्होंने 40 टेस्ट और 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं.