BCCI को अब तक नहीं मिला नया टाइटल स्पॉन्सर, डेडलाइन के 2 हफ्ते बाद भी जारी है बातचीत; जानें पूरा मामला

भारतीय क्रिकेट टीम के नए टाइटल स्पॉन्सर को लेकर BCCI की तलाश अभी खत्म नहीं हुई है. डेडलाइन बीत जाने के दो हफ्तों बाद भी कई बड़ी कंपनियां बातचीत की दौड़ में हैं. इस बार कुछ खास सेक्टर्स को बोली से बाहर रखा गया है.

BCCI Title Sponsor: भारतीय क्रिकेट टीम के टाइटल स्पॉन्सर की तलाश अभी खत्म नहीं हुई है. तय -डेडलाइन के खत्म होने के दो सप्ताह बाद भी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) नए टाइटल स्पॉन्सर को लेकर कुछ कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, टायर, पेंट और स्पोर्ट्स ड्रेस जैसी कई कैटेगरी की कंपनियों को इस बार बोली लगाने से बाहर रखा गया है.

BCCI ने भारतीय क्रिकेट टीम के टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स के लिए टेंडर जारी किया था. हालांकि, प्रक्रिया की डेडलाइन बीत चुकी है, लेकिन अभी तक किसी कंपनी के साथ अंतिम समझौता नहीं हुआ है.

कौन-कौन सी कंपनियां रेस में?

रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI कई संभावित ब्रांड्स के साथ बातचीत कर रहा है. इनमें गूगल जेमिनी, एसबीआई लाइफ, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और स्पिनी जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं. हालांकि, इनमें से किसी कंपनी को अभी नया टाइटल स्पॉन्सर घोषित नहीं किया गया है.

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BCCI ने इन सेक्टर्स को किया बाहर

इस बार BCCI ने कुछ बिजनेस कैटेगरी को टाइटल स्पॉन्सरशिप की बोली से दूर रखा है. इनमें शामिल हैं:

  • टायर, ट्यूब और फ्लैप बनाने वाली कंपनियां
  • एथलीजर और परफॉर्मेंस वियर
  • स्पोर्ट्स मर्चेंडाइज और इक्विपमेंट
  • पेंट, वॉटरप्रूफिंग और वॉलपेपर कंपनियां
  • इसके अलावा तंबाकू, शराब, फैंटेसी गेमिंग और जुआ जैसी पारंपरिक नो-गो कैटेगरी भी बाहर हैं.

इसका मतलब है कि MRF, CEAT, बर्जर पेंट्स, JSW पेंट्स, नाइकी, प्यूमा और डेकाथलॉन जैसी कंपनियां इस टेंडर में बोली नहीं लगा सकतीं. हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि इनमें से किसी कंपनी ने स्पॉन्सरशिप के लिए रुचि दिखाई थी.

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मौजूदा स्पॉन्सर्स के अधिकारों की सुरक्षा

BCCI के इस फैसले को मौजूदा स्पॉन्सर्स के कमर्शियल हितों की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है. भारतीय टीम की जर्सी से जुड़े मौजूदा पार्टनर्स में अपोलो टायर्स, एडिडास और एशियन पेंट्स शामिल हैं. ऐसे में समान या संबंधित कैटेगरी की कंपनियों को बाहर रखने से मौजूदा साझेदारों के अधिकारों को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है.

कितने मैचों के लिए मिलेगा स्पॉन्सरशिप अधिकार?

टेंडर डॉक्यूमेंट के मुताबिक, BCCI ने बिना किसी न्यूनतम गारंटी के स्पॉन्सर को अधिकार अवधि के दौरान करीब 35 चार्जेबल मुकाबले देने का अनुमान लगाया है. हालांकि, वास्तविक संख्या BCCI के तय कार्यक्रम पर निर्भर करेगी. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि टीम इंडिया के नए टाइटल स्पॉन्सर के नाम का ऐलान कब होगा. डेडलाइन गुजरने के बावजूद बातचीत जारी है और BCCI जल्द ही इस पर तस्वीर साफ कर सकता है.

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By उज्जवल सिन्हा

उज्जवल कुमार सिन्हा | स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट

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