भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा ने हॉकी इंडिया की ओर से मिले कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है. उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताया है. साथ ही कहा कि हॉकी इंडिया की आचरण समिति ने नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया.
असुंता लकड़ा ने नौ पन्नों का जवाब आचरण समिति के अध्यक्ष को भेजा है. उन्होंने कहा कि पूर्व खिलाड़ी अलबेला रानी टोप्पो की शिकायत में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है.
समिति पर उठाए सवाल
लकड़ा का कहना है कि हॉकी इंडिया के नियमों के मुताबिक किसी भी मामले की जांच शुरू करने से पहले अध्यक्ष की मंजूरी जरूरी होती है. लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ. इसलिए उन्होंने पूछा है कि आखिर समिति ने किस आधार पर कार्रवाई शुरू की. उन्होंने यह भी कहा कि हॉकी इंडिया की वेबसाइट पर आचरण समिति के सिर्फ दो सदस्यों के नाम हैं, जबकि नियमों के मुताबिक इसमें तीन सदस्य होने चाहिए.
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मांगे शिकायत से जुड़े सभी कागजात
असुंता लकड़ा ने समिति से शिकायत की पूरी कॉपी और उससे जुड़े सभी दस्तावेज देने की मांग की है. उनका कहना है कि उन्हें जो कागजात मिले हैं, वे अधूरे हैं और कई हिस्से पढ़े भी नहीं जा सकते. ऐसे में सही जवाब देना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज मिलने के बाद उन्हें जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया जाए. साथ ही जब तक पूरा मामला साफ नहीं हो जाता, तब तक उनके खिलाफ कोई फैसला या कार्रवाई न की जाए.
क्या है मामला?
पिछले महीने झारखंड की पूर्व हॉकी खिलाड़ी अलबेला रानी टोप्पो की शिकायत के बाद हॉकी इंडिया ने असुंता लकड़ा को कारण बताओ नोटिस भेजा था. इससे पहले लकड़ा ने झारखंड हॉकी से जुड़े एक मामले में कथित यौन उत्पीड़न और धमकी के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की थी. इसके बाद यह विवाद और चर्चा में आ गया. असुंता लकड़ा ने कहा कि अगर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई, तो वह संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी.
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