Aakash Chopra on Team India Warm-Up Match: भारतीय क्रिकेट टीम के SENA देशों (South Africa, England, New Zealand और Australia) के दौरों को लेकर BCCI ने बड़ा फैसला किया है. अब विदेश दौरे पर जाने वाली टीम इंडिया के लिए वार्म-अप मैच खेलना जरूरी होगा. पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने BCCI के इस फैसले का स्वागत किया है. हालांकि, उन्होंने एक जरूरी बात भी कही है. उनके मुताबिक, सिर्फ वार्म-अप मैच खेलना काफी नहीं है. भारत को इन मैचों में मजबूत टीम के खिलाफ खेलना भी जरूरी है.
वार्म-अप मैचों को लेकर आकाश चोपड़ा की सलाह
आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर BCCI के नए प्लान पर बात करते हुए कहा कि विदेश दौरों पर वार्म-अप मैच होना अच्छी बात है. लेकिन आकाश चोपड़ा का कहना है कि इन मैचों में सामने वाली टीम भी अच्छी होनी चाहिए. अगर भारत को कमजोर टीम के खिलाफ मैच होता है, तो उससे ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा. इसलिए वार्म-अप मैच की टीम चुनते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है.
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पहले इंग्लैंड दौरे पर मिलती थी कड़ी चुनौती
आकाश चोपड़ा ने पुराने दौर के इंग्लैंड दौरों का उदाहरण भी दिया. उन्होंने बताया कि पहले भारतीय टीम इंग्लैंड में लंबे समय तक रहती थी और काउंटी टीमों के खिलाफ कई मुकाबले खेलती थी. उस समय काउंटी क्रिकेट का स्तर काफी मजबूत था. ऐसे में भारत को इन मुकाबलों में भी कड़ी चुनौती मिलती थी. कई बार काउंटी टीमों में इतने अच्छे खिलाड़ी होते थे कि वे भारतीय टीम को भी परेशानी में डाल देते थे.
अब कमजोर टीमों से मुकाबला क्यों?
आकाश चोपड़ा ने कहा कि अब हालात पहले जैसे नहीं हैं. वार्म-अप मैचों को ज्यादा अहमियत नहीं मिलने की वजह से कई बार मेजबान टीम अपने मुख्य खिलाड़ियों की जगह दूसरे दर्जे के खिलाड़ियों को खिलाती है. ऐसे में इन मैचों से भारत को ज्यादा फायदा नहीं मिल पाता. उन्होंने कहा कि BCCI का वार्म-अप मैचों को जरूरी करना सही कदम है. लेकिन इसका असली फायदा तभी होगा, जब भारत को इन मैचों में मजबूत और अच्छी टीम के खिलाफ खेलने का मौका मिले.
A टीम के दौरे से बेहतर हो सकता है फैसला
आकाश चोपड़ा ने कहा कि पहले भारतीय टीम के बड़े विदेशी दौरे से पहले A टीम को वहां भेजा जाता था. इससे खिलाड़ियों को वहां के माहौल और परिस्थितियों को समझने का मौका मिलता था. अब अगर मुख्य टीम को ही मजबूत टीमों के खिलाफ अभ्यास मैच खेलने का मौका मिले, तो यह उनकी तैयारी के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. हालांकि, इसके लिए यह जरूरी है कि वार्म-अप मैचों में अच्छी टीम सामने हो, तभी खिलाड़ियों को सही तैयारी मिल पाएगी.
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