BPSC 70th CCE Final Result : (रंजन कुमार) रोहतास जिले के नोखा प्रखंड से दो युवाओं ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है. पेनार गांव के अंकित राज ने ब्लॉक वेलफेयर माइनॉरिटी ऑफिसर यानी प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी का पद हासिल किया है, जबकि बिसेनी खुर्द गांव के दीपक कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी यानी बीडीओ बनकर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है. दोनों की सफलता के बाद पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है.
नोखा में जश्न का माहौल, घर-घर पहुंची बधाइयां
जैसे ही दोनों युवाओं की सफलता की खबर गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, वैसे ही बधाई देने वालों का तांता लग गया. पेनार और बिसेनी खुर्द गांव में लोग एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यह सफलता सिर्फ दोनों परिवारों की नहीं बल्कि पूरे नोखा प्रखंड के लिए गर्व की बात है. अंकित और दीपक की सफलता को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है. कई छात्र-छात्राएं इन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानकर आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए हैं.
अंकित राज की सफलता की कहानी, मेहनत और परिवार का साथ
पेनार गांव निवासी अंकित राज, आंगनबाड़ी सेविका इंदु देवी और अशोक कुमार सिंह के पुत्र हैं. साधारण परिवार से आने के बावजूद अंकित ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने बीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी का पद पाया है. अंकित की इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है. माता पिता और परिजनों की आंखों में गर्व साफ झलक रहा है. ग्रामीणों ने भी कहा कि अंकित ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. अंकित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता, शिक्षकों और लगातार की गई मेहनत को दिया है.
दीपक कुमार बने बीडीओ, साधारण पृष्ठभूमि से बड़ी उपलब्धि
बिसेनी खुर्द गांव निवासी दीपक कुमार ने भी 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर प्रखंड विकास पदाधिकारी का पद हासिल किया है. दीपक के पिता कमलेश कुमार और माता चंद्रकला देवी हैं, जो आंगनबाड़ी सेविका के रूप में कार्यरत हैं. दीपक भी एक सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन उन्होंने लगातार मेहनत और मजबूत इरादों के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी. उनकी सफलता के बाद गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया है. लोग उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं और मिठाई बांटकर खुशी मना रहे हैं.
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क्षेत्र में प्रेरणा बने दोनों युवा, शिक्षा के प्रति बढ़ा उत्साह
अंकित और दीपक की इस उपलब्धि ने नोखा क्षेत्र के युवाओं में नया जोश भर दिया है. शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी दोनों की सफलता की सराहना की है. लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी और शिक्षा के प्रति जागरूकता को और बढ़ाएगी. ग्रामीणों ने कहा कि दोनों युवाओं ने यह दिखा दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए तो कोई भी सफलता दूर नहीं रहती. उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बना है.
आगे की उम्मीदें और जिम्मेदारी
अब अंकित और दीपक के सामने नई जिम्मेदारियां भी होंगी. प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्हें समाज और जनता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी. क्षेत्र के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दोनों युवा अपने कार्यक्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे और समाज के लिए मिसाल कायम करेंगे.
