Sawan: सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. इस महीने में भगवान शिव के अभिषेक के साथ-साथ सुहागिन महिलाओं के सोलह श्रृंगार का भी विशेष महत्व होता है. इस पावन महीने में महिलाएं विशेष रूप से हरे रंग के वस्त्र और हरी चूड़ियां धारण करती हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सावन में महिलाएं हरे रंग के कपड़े और हरी चूड़ियां क्यों पहनती हैं? क्या यह सिर्फ सदियों से चली आ रही एक परंपरा है, या इसके पीछे कोई गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व छिपा है? आइए विस्तार से जानते हैं.
भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरा रंग माता पार्वती को अत्यंत प्रिय है. माना जाता है कि सावन में हरी चूड़ियां पहनने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मिलता है तथा उनके वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और मधुरता बनी रहती है.
प्रकृति और हरियाली से जुड़ाव
श्रावण का महीना आते ही चारों ओर हरियाली छा जाती है. हरा रंग प्रकृति, नई शुरुआत, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. सावन में हरी चूड़ियां पहनकर महिलाएं प्रकृति के इस सौंदर्य का स्वागत करती हैं और अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं.
ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह से संबंध
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हरे रंग का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है. बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, व्यापार और समृद्धि का कारक है. मान्यता है कि सावन में हरा रंग धारण करने से बुध ग्रह मजबूत होता है और शुभ फल प्रदान करता है.
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