भूमि पूजन में नींव के नीचे सर्प और कलश क्यों रखे जाते हैं? जानें धार्मिक मान्यता और महत्व

घर के निर्माण से पहले भूमि पूजन करना भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. इस दौरान कई स्थानों पर मकान की नींव में चांदी का सर्प और पूजित कलश स्थापित करने की परंपरा निभाई जाती है.यह परंपरा धार्मिक आस्था और पौराणिक मान्यताओं पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों में इसकी विधि और परंपरा अलग-अलग हो सकती है. भूमि पूजन करते समय योग्य आचार्य के मार्गदर्शन में स्थानीय परंपराओं का पालन करना शुभ माना जाता है.

Bhoomi Pujan: नए घर के निर्माण से पहले भूमि पूजन की परंपरा सनातन धर्म में विशेष महत्व रखती है. इस अनुष्ठान के दौरान नींव में चांदी का सर्प और कलश स्थापित करने की प्रथा प्रचलित है. आइए जानते हैं इसके पीछे की धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्व.

भूमि पूजन का धार्मिक महत्व

सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य से पहले भूमि पूजन करना मंगलकारी माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इससे निर्माण कार्य निर्विघ्न पूरा होता है और घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है. भूमि पूजन के दौरान किए जाने वाले सभी अनुष्ठान आस्था और शुभ संकल्प का प्रतीक माने जाते हैं.

नींव में सर्प स्थापित करने की मान्यता

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा कहते हैं कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शेषनाग को पृथ्वी का आधार माना गया है. इसी विश्वास के कारण कई परंपराओं में मकान की नींव में चांदी का सर्प स्थापित किया जाता है. मान्यता है कि इससे घर की नींव मजबूत रहने और परिवार की रक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होता है. यह परंपरा शेषनाग के संरक्षण का प्रतीक मानी जाती है.

कलश स्थापना का आध्यात्मिक संदेश

भूमि पूजन में स्थापित कलश को भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और शुभता का प्रतीक माना जाता है. इसमें दूध, दही, घी, पुष्प और सिक्का अर्पित कर मंगलकामना की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि यह अनुष्ठान घर में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और सुख-शांति का आह्वान करता है. हालांकि यह परंपरा धार्मिक आस्था और लोकविश्वास पर आधारित है तथा अलग-अलग क्षेत्रों में इसकी विधि भिन्न हो सकती है.


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लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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