सावन पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लगने जा रहा है. खगोलविदों के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, यह चंद्रग्रहण सुबह करीब 8 बजकर 04 मिनट से शुरू होकर 11 बजकर 21 मिनट तक चलेगा.
इस बीच 9 बजकर 43 मिनट पर चंद्रग्रहण अपने चरम पर रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के जानकार पं. मणिभूषण झा बता रहे हैं कि यह चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. लेकिन ग्रहण के दौरान कुछ कार्य करना शुभ माना गया है जबकि इस कुछ कामों को करने से बचा जाता है.
चंद्रग्रहण के दौरान क्या करें ?
- सनातन धर्म शास्त्रों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों को करना शुभ होता है. धार्मिक परंपरा के अनुसार, ग्रहण की अवधि में मंत्र जाप करना, स्तुति का पाठ करना, अपने आराध्य देव या देवी से जुड़े मंत्रों का जाप किया जाता है.
- इस संबंध में मान्यता है कि ऐसा करने से ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं पड़ता है. ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र, चंद्र देव का मंत्र जाप करना भी कल्याणकारी होता है.
- ग्रहण के दौरान धार्मिक ग्रंथ जैसे- भगवद् गीता, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ और मंगलकारी होता है. ऐसा करने से शरीर और मन पर ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं पड़ता.
- चंद्र ग्रहण शुरू होने से पहले घर में पकाए हुए भोजन में तुलसी का पत्ता डाल देना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि मान्यता अनुसार ऐसा करने से भोजन में ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा नहीं करती.
- ग्रहण की समाप्ति के तुरंत बाद स्नान करना चाहिए और गंगाजल से घर को शुद्ध करना चाहिए. घर के कोने-कोने में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए. इसके साथ ही घर के मंदिर और देवी-देवताओं मूर्तियों को साफ करना चाहिए.
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- चूंकि चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन है और परंपरानुसार, इस दिन दान करना शुभ माना गया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सफेद चीजें जैसे- दूध, चावल, चीनी, वस्त्र या अन्न का दान करना चाहिए.
चंद्रग्रहण के दौरान क्या न करें
- चंद्रग्रहण के दौरान खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. इस दौरान उन्हें घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए.
- ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं. ऐसे में इस दौरान मूर्तियों को छूने से बचें. साथ ही इस दौरान प्रत्यक्ष रूप से पूजन करने से भी बचें.
- ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य जैसे- शादी, मुंडन, उपनयन को करने से बचना चाहिए.
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- ग्रहण के दौरान न तो सोना चाहिए और न ही आलस्य करना चाहिए.
- गर्भवती महिलाओं को धारदार या नुकीली वस्तुएं जैसे- कैंची, सुई और चाकू इत्यादि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
- चंद्रग्रहण के दौरान तुलसी के पौधे या पत्तों को चाहकर भी छूने से बचना चाहिए.
