मनचाहे जीवनसाथी की है तलाश? जानिए क्यों कुंवारी लड़कियों को भी रखना चाहिए हरियाली तीज का व्रत

हरियाली तीज का व्रत केवल सुहागिन महिलाओं के लिए ही नहीं माना जाता. धार्मिक मान्यता के अनुसार कुंवारी लड़कियां भी यह व्रत योग्य जीवनसाथी और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से रख सकती हैं. जानें व्रत का महत्व और नियम.

Hariyali Teej fast for Unmarried Girls: हरियाली तीज का पवित्र पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है. इस दिन महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन, पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं. वर्ष 2026 में हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. इसी वजह से हरियाली तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के साथ कुंवारी लड़कियों के लिए भी विशेष माना जाता है.

कुंवारी लड़कियां क्यों रखती हैं हरियाली तीज का व्रत?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज भगवान शिव और माता पार्वती के प्रेम और मिलन का प्रतीक है. माना जाता है कि कुंवारी लड़कियां यदि श्रद्धा और विधि-विधान से यह व्रत करती हैं तो उन्हें मनचाहा और योग्य जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है.

कुंवारी लड़कियां इस व्रत के जरिए भगवान शिव और माता पार्वती से अच्छे विवाह योग, योग्य वर और भविष्य में सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं. हालांकि, व्रत से जुड़ी ये मान्यताएं धार्मिक आस्था पर आधारित हैं.


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माता पार्वती से जुड़ी है व्रत की मान्यता

पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करना चाहती थीं. इसके लिए उन्होंने लंबे समय तक कठोर तपस्या और व्रत किया. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया. पंडित पुरनेंदु पाठक कहते हैं कि इसलिए माना जाता है कि हरियाली तीज पर माता पार्वती की पूजा करने से अविवाहित कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति का आशीर्वाद मिल सकता है.

कुंवारी लड़कियां कैसे रखें व्रत?

हरियाली तीज का व्रत कठिन माना जाता है. कई परंपराओं में महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, यानी पूरे दिन अन्न और जल का सेवन नहीं करतीं. व्रत रखने वाली कुंवारी लड़कियां अपनी श्रद्धा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पूजा-पाठ कर सकती हैं. शिव-पार्वती की पूजा, कथा श्रवण और दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना जाता है.

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इसलिए कुंवारी लड़कियां भी हरियाली तीज का व्रत रख सकती हैं. यह व्रत उनके लिए अच्छे जीवनसाथी और सुखी वैवाहिक जीवन की धार्मिक कामना से जुड़ा हुआ है.


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लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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