विष्णु पुराण में बढ़ती गर्मी को लेकर किया गया चौंकाने वाला खुलासा

Vishnu Puran: धरती पर गर्मी के लगातार बढ़ते तापमान के पीछे कई वैज्ञानिक कारण बताए जाते हैं. हालांकि, हिंदू पुराणों में भी इस विषय पर चर्चा की गई है और इसके कारणों का उल्लेख किया गया है. विष्णु पुराण और सुख सागर ग्रंथ के अनुसार, जैसे-जैसे कलयुग अपने अंत की ओर बढ़ता है, वैसे-वैसे सृष्टि में महाप्रलय की घटनाएं होती रहेंगी.

Vishnu Puran: संसार में होने वाली घटनाओं का उल्लेख पुराणों में विभिन्न रूपों में किया गया है. विष्णु पुराण में जीवन और मृत्यु के चक्र से लेकर युगों के आरंभ और अंत के बारे में जानकारी दी गई है. इस पुराण में प्रकृति और मौसम के आपसी संबंधों के साथ-साथ प्रलय के समय दुनिया के समाप्त होने की चर्चा भी की गई है. मौसम में होने वाले गंभीर परिवर्तन, जैसे अत्यधिक गर्मी, बारिश या ठंड, प्रलय का कारण बन सकते हैं. विष्णु पुराण में भीषण गर्मी का उल्लेख किया गया है. आइए जानते हैं कि विष्णु पुराण के अनुसार लगातार बढ़ती गर्मी किस संकेत का प्रतिनिधित्व करती है…

विष्णु पुराण की भविष्यवाणियां अत्यंत भयावह हैं.

विष्णु पुराण में प्राकृतिक आपदा का विस्तृत वर्णन किया गया है. इसके अनुसार, जब कलयुग अपने अंतिम चरण में प्रवेश करेगा, तब अत्यधिक गर्मी के बाद चारों ओर सूखा पड़ने लगेगा. वर्षा का होना बंद हो जाएगा. आगे विष्णु पुराण में कहा गया है कि भविष्य में गर्मी इतनी बढ़ जाएगी कि लोग इसे सहन नहीं कर सकेंगे. भगवान विष्णु सूर्य की किरणों को स्थिर कर जल को सुखा देंगे.

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विष्णु पुराण में सूत जी का संवाद इस प्रकार है: हे महामुने, यह एक ही कल्प है जिसमें चौदह मनु का समय व्यतीत होता है. हे मैत्रेय! इसके अंत में ब्रह्मा का नैमित्तिक प्रलय होता है. सुनो, मैं उस नैमित्तिक प्रलय का अत्यंत भयानक स्वरूप वर्णित करने जा रहा हूँ. इसके बाद, मैं तुम्हें प्राकृत प्रलय का भी वर्णन करूंगा. जब एक सहस्र चतुर्युग बीत जाते हैं और पृथ्वी लगभग क्षीण हो जाती है, तब सौ वर्षों तक अत्यंत भयंकर अनावृष्टि होती है.

देवलोक के चतुर्युग के पश्चात परिवर्तन

देवलोक और भूलोक का समय चक्र भिन्न है. जहां पृथ्वी पर एक वर्ष 12 महीनों में बंटा होता है, वहीं देवलोक में एक दिन पृथ्वी के एक वर्ष के बराबर होता है. पृथ्वी के 360 वर्षों के समकक्ष देवलोक का एक वर्ष होता है. इस प्रकार, 1,000 दिव्य वर्षों का एक चतुर्युग होता है, जिसके बाद परिवर्तन की स्थिति उत्पन्न होती है. प्रलय जैसी घटनाएं इस परिवर्तन का कारण बन सकती हैं.

भीषण गर्मी और अत्यधिक ठंड प्रलय का संकेत

विष्णु पुराण के अनुसार, एक चतुर्युग के समाप्त होने पर पृथ्वी की उर्वरता घटने लगती है और प्राणी जगत भी निर्जीव होने की ओर अग्रसर होता है. इस समय, भीषण गर्मी, बर्फबारी या ठंड प्रलय का कारण बन सकती है. जब गर्मी बढ़ती है, तो भगवान विष्णु सूर्य की किरणों में समाहित होकर पृथ्वी से समस्त जल को सोख लेते हैं, जिससे जीवन का अंत हो जाता है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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